कश्मीर में अलगाववादियों की हड़ताल से जनजीवन प्रभावित

अलगाववादियों द्वारा बुलाए गए बंद से गुरुवार को श्रीनगर और अन्य स्थानों पर जनजनीवन प्रभावित हुआ। सैयद अली गिलानी, मीरवायज उमर फारूक व यासीन मलिक की अगुवाई वाले संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) ने जम्मू एवं कश्मीर के बाहरी इलाके में दो कश्मीरी आतंकवादियों के मारे जाने के खिलाफ घाटी में व्यापक बंद का आह्वान किया। सब्जर सोफी व उसके साथी को बुधवार को नौगाम में मुठभेड़ में मार गिराया गया था। सोफी व उसके साथी ने 2016 में आतंकवाद की राह पकड़ ली थी, सोफी पीएचडी का छात्र था।
घाटी के जिला मुख्यालयों व शहर में दुकानें, सार्वजनिक परिवहन व दूसरे व्यवसाय बंद रहे लेकिन शहर के दूरदराज के इलाकों में निजी परिवहन चलते देखे गये। श्रीनगर जिले में स्कूल व कॉलेज दूसरे दिन भी बंद रहे। घाटी के पुराने शहर के इलाकों व दूसरे संवेदनशील जगहों पर सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है। गिलानी व उमर फारूक को नजरबंद रखा गया है, जबकि यासीन मलिक को प्रदर्शन में भागीदारी से रोकने के लिए हिरासत में रखा गया है।