ग्यारह घंटे बाद खुला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, मलवा हटाते जेसीबी चालक की मौत

रामबन जिले के डिगडोल इलाके में मध्यरात्रि को हुए भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 11 घंटे तक यातायात बाधित रहा। देश के शेष हिस्सों से जोड़ने वाले 270 किलोमीटर लंबे एकमात्र राजमार्ग पर मलवा हटाने के लिए रात को ही काम शुरू हो गया था परंतु पहाड़ों से लगातार आ रहे मलवे की चपेट में आने से जेसीबी चालक की मौत भी हो गई। हालांकि इसके बावजूद सुबह 10.30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तरफा यातायात खोल दिया। संबंधित एजेंसी मार्ग पर दोनों तरफ से यातायात बहाल करने के लिए मलवे को हटाने का काम कर रही है। शाम तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों तरफ से यातायात शुरू हो जाएगा।

राजमार्ग को चार लेन का बनाया जा रहा है और पिछले कई सालों से परियोजना पर काम जारी है। एक ट्रैफिक अधिकारी ने बताया कि सोमवार-मंगलवार की मध्यरात्रि को रामबन के डिगडोल इलाके भूस्खलन होने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर रफ्तार को रोक दिया। भूस्खलन के कारण रामबन के पास कई वाहन फंस गए। संबंधित एजेंसी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जेसीबी को मलवा हटाने के लिए लगा दिया। जेसीबी ड्राइवर थलाला डोडा के निवासी जमशीद अहमद जब मार्ग पर काम कर रहे थे तभी अचालक पहाड़ पर से पत्थर लुढ़कने लगे। जान बचाने के लिए जमशीद ने जेसीबी पर से छलांग लगा दी परंतु उसके बावजूद वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन एजेंसी में जेसीबी ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे जमशीद को घायल अवस्था में रामसू डिस्पेंसरी ले जाया गया परंतु वहां जख्मों का ताव न सह पाने के कारण उनसे दम तोड़ दिया। एजेंसी के दूसरे कर्मियों ने राजमार्ग पर मलवा हटाने का काम जारी रखा और सुबह 10.30 बजे के करीब मार्ग पर एकतरफा यातायात सुचारू हो पाया। दोनों आेर से ट्रैफिक को शुरू करने के लिए मलवा हटाने का काम जारी है। एजेंसी का कहना है कि शाम तक काम पूरा हो जाएगा और यातायात को दोनों से शुरू कर दिया जाएगा।