जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए ढाई लाख नौकरियों की सौगात

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने  जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए ढाई लाख से ज्यादा नौकरियों की सौगात का एलान करते हुए कहा कि हम तो बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं चल सकती। उन्होंने राज्य में लोकतंत्र की मजबूती के लिए नेशनल कांफ्रेंस व पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी से पंचायत चुनाव में भाग लेने का आग्रह तो किया, लेकिन मौजूदा निलंबित विधानसभा को बहाल करने या उसे भंग कर नए चुनाव कराने पर चुप्पी साध ली। राजनाथ ने राज्य के हालात को पहले से बेहतर बताते हुए कुलगाम की घटना पर दुख जताया और प्रत्येक पीड़ित परिवार के लिए पांच-पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि का भी एलान किया।

गृह मंत्री राजनाथ ¨सह मंगलवार को राज्य के समग्र राजनीतिक, विकासात्मक और सुरक्षा परिदृश्य का जायजा लेने एक दिवसीय दौरे पर ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर पहुंचे थे। नई दिल्ली लौटने से पूर्व पत्रकारों से बातचीत में गृह मंत्री ने बीते चार माह के दौरान राज्य के हालात में सुधार का दावा करते हुए बताया कि इस दौरान पथराव की घटनाओं में कमी आई है। आतंकी संगठनों में स्थानीय युवकों की भर्ती भी घट गई है। निकाय चुनाव में यहां बड़े पैमाने पर ¨हसा की आशंका थी, लेकिन यह चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए हैं, जो हालात में सुधार का स्पष्टसंकेत है। युवाओं के लिए 2.5 लाख से ज्यादा नौकरियां :

राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर के युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन विभिन्न भागों में उनके लिए 11 हजार नौकरियां जुटाई जा रही हैं। इसके अलावा केंद्र प्रायोजित योजनाओं में भी जम्मू कश्ीमर के नौजवानों के लिए 2.5 लाख नौकरियां दी जाएंगी। आतंक और वार्ता एक साथ नहीं :

गृह मंत्री ने कहा कि शांति बहाली के लिए सिर्फ एकतरफा बातचीत कोई रास्ता नहीं है। आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकती। पाकिस्तान को हमारे देश में आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करना होगा। हमने हमेशा पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंधों की बहाली का प्रयास किया है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लाहौर गए थे, लेकिन पाकिस्तान ने कभी सकारात्मक जवाब नहीं दिया। उसने बातचीत के जरिए कश्मीर समस्या के समाधान और पूरे क्षेत्र में एक साजगार माहौल की बहाली के लिए कोई कदम नहीं उठाया बल्कि हालात बिगाड़ने का हर संभव प्रयास किया है। हम तो हमेशा से ही सभी इच्छ़ुक पक्षों से बातचीत के लिए तैयार हैं। भारत की तरक्की के दुश्मन है आतंकवाद के पोषक :

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज हम दुनिया की सबसे मजबूत छह अर्थव्यवस्थाओं में एक हैं और जल्द ही हम पहली पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होंगे। लेकिन यहां कुछ ऐसी ताकतें हैं जो भारत की प्रगति से परेशान हैं और वही यहां हमारे मुल्क में आतंकवाद, अस्थिरता को बढ़ावा दे रही हैं। लेकिन हम इन ताकतों को नाकाम बना देंगे। पंचायत चुनावों में लें सभी भाग :

गृहमंत्री ने कहा कि अब राज्य में पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं। यह चुनाव जम्मू कश्मीर व लद्दाख में जमीनी स्तर पर अधिकारों के विकेंद्रीयकरण के लिए हो रहे हैं। प्रत्येक पंचायत को हर साल विकास कार्याे के लिए 70 लाख रुपये मिलेंगे। मैंने आज यहां नेकां, पीडीपी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात की है। मेरी सभी से जश्न ए जम्हूरियत (पंचायत चुनाव) में हिस्सा लेने की अपील है। मुझे उम्मीद है कि सभी पंचायत चुनावों में शामिल होंगे। कुलगाम पीड़तिों के लिए पांच-पांच लाख रुपये :

कुलगाम में गत रविवार को मुठभेड़ के बाद हुए बम धमाके में सात लोगों की मौत पर दुख जाते हुए उन्होंने कहा यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक है। हालांकि किसी इंसान की ¨जदगी को पैसे से वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन पीड़ित परिवारों का दुख बांटने और उनकी मदद के लिए प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए सरकार की तरफ से पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हमारी जनता से अपील है कि वह मुठभेड़स्थल पर जमा न हों। सीबीआइ मामले पर चुप्पी तो अंसारी पर साधा निशाना :

सीबीआइ में दो वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और दर्ज एफआइआर के बारे में पूछे जाने पर राजनाथ ने कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन जब पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा देश में मुस्लिमों के प्रति पक्षपात, और भाई भतीजावाद संबंधी की गई टिप्पि्णयों के बारे में पूछा गया तो राजनाथ ने कहा कि वह उस समय इन विषयों पर क्यों नहीं बोले, जब वह राज्यसभा में उपाध्यक्ष थे। मिशन कश्मीर जारी रहेगा :

राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीर समस्या के समाधान और कश्मीर में अमन बहाली का रोडमैप तैयार करने के लिए केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा का मिशन जारी है। वह सभी संबंधित पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने तक अपना मिशन जारी रखेंगे। जल्द ही उनके मिशन के परिणाम नजर आएंगे, लेकिन जब तक सबकुछ तय नहीं होता, वह इस बारे में कुछ भी खुलासा नहीं करेंगे।