तीन साल की बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट में नहीं हुई बलात्कार की पुष्टि

 जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा जिले में जिस तीन साल की लड़की से कथित तौर पर बलात्कार किया गया उसकी मेडिकल रिपोर्ट में अपराध की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। रिपोर्ट सोशल मीडिया पर लीक हो गई और एसकेआईएमएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बेमिना की मेडिकल अधीक्षक ने कहा कि यह ‘‘प्रामाणिक’’ है। जांच अधिकारी को 16 मई को सौंपी रिपोर्ट में मेडिकल जांच करने वाले डॉक्टरों ने कहा कि लड़की के निजी अंगों समेत शरीर के किसी भी अंग पर चोट के कोई निशान नहीं हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘रक्त स्राव के असली स्रोत का पता नहीं चल पाया क्योंकि योनि के आसपास किसी तरह की चोट का कोई सबूत नही है। साथ ही खून के धब्बे भी सूखा खून नहीं है बल्कि केवल धुंधले धब्बे हैं और उन्हें जांच के लिए नहीं भेजा जा सकता।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि धब्बे काफी धुंधले हैं, लगभग ना के बराबर। इसमें कहा गया है, ‘‘योनी के आसपास किसी भी हमले, चोट और खून बहने के कोई सबूत नहीं हैं। लाल रंग के चकत्ते (मैक्युलो पॉपुलर रैश) कई वजहों से हो सकते हैं।’’ डॉक्टरों ने कहा कि तीन साल की बच्ची की योनि में बिना किसी बड़ी चोट/रक्त स्राव के पूरी तरह जबरदस्ती करना बहुत मुश्किल है। एसकेआईएमएस अस्पताल, बेमिना की चिकित्सा अधीक्षक शिफा देवा ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट प्रामाणिक है। डॉक्टर ने कहा, ‘‘यह जांच अधिकारी के कुछ सवालों पर आधारित हमारी रिपोर्ट है जिसमें हमने जवाब दिया और हम अपनी रिपोर्ट को लेकर आश्वस्त हैं।’’ बहरहाल, पुलिस ने इस पर टिप्पणी नहीं की है। पुलिस ने कहा कि मामला न्यायालय के विचाराधीन है। बांदीपुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राहुल मलिक ने कहा, ‘‘डॉक्टरों को अदालत में जवाब देना होगा। मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता क्योंकि मामला न्यायालय के विचाराधीन है।’’