माननीयों के आगमन से टाउन हाल में बढ़ेगी सिरदर्दी

शहर से 75 कॉरपोरेटरों का जीत कर नगर निगम में आना जहां शहर के विकास को गति देगा, वहीं टाउन हाल में सिरदर्दी भी बढ़ाएगा। कारण साफ है कि टाउन हाल में नगर निगम परिसर में वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। पहले ही यहां निगम में काम करवाने आने वालों को गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं मिलती। अब 75 कॉरपोरेटर भी जीत कर आ रहे हैं। इनके साथ वाहनों के काफिले भी रहने वाले हैं।

विभिन्न दफ्तरों में आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की गाड़ियों व दो पहिया वाहनों के अलावा यहां काम करवाने पहुंचने वाले कुछ ही लोग वाहन खड़े कर पाते हैं। ऐसे में बस स्टैंड, शालामार, सुपर बाजार, प्रेम नगर में वाहनों की पार्किंग करके ही वे टाउन हाल पहुंच पाते हैं। यह हर किसी के लिए संभव नहीं है। इस समस्या से जूझ रहे निगम ने अभी कोई समाधान भी नहीं निकाला था। अब शहरभर से जनप्रतिनिधि कॉरपोरेटर बनकर आ रहे हैं। साफ है कि इनके आने के साथ लोगों की आवाजाही पहले से ज्यादा बढ़ जाएगी। ऐसे में टाउन हाल में पार्किंग एक ज्वलंत मुद्दा बनकर उभरने वाला है। वर्ष 2005 में भी कॉरपोरेटरों के आने से यहां काफी मुश्किलें हुई थीं। निगम में चलते हैं दर्जनभर दफ्तर

टाउन हाल में दर्जन भर सरकारी दफ्तर हैं। इनमें म्यूनिसिपल कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर एडमिनिस्ट्रेशन, ज्वाइंट कमिश्नर व‌र्क्स, निगम सचिव, चीफ खिलाफवर्जी ऑफिसर, चीफ ट्रांसपोर्ट ऑफिसर, चीफ टाउन प्लानर, म्यूनिसिपल वेटनरी ऑफिसर, हेल्थ ऑफिसर समेत निगम के अन्य अधिकारियों के कार्यालय यहां हैं। इतना ही नहीं टाउन हाल में ही जम्मू-कश्मीर बैंक, जम्मू-कश्मीर ट्रेजरी कार्यालय, अति व्यस्त रहने वाला इलेक्शन सेक्शन, बर्थ एंड डेथ रिकार्ड सेक्शन, सिविक सफाई कर्मचारी यूनियन कार्यालय भी हैं। यहां रोजाना 500 के करीब काम करवाने लोग पहुंचते हैं। यह स्थिति तब है जब निगम के कुछ कार्यालय डोगरा हाल, ज्यूल चौक, मांडा में भी हैं। मौजूदा स्थिति

बस स्टैंड से टाउन हाल की तरफ मुड़ते ही सबसे पहली समस्या यह रहती है कि आखिर वाहन कहां खड़ा किया जाए। टाउन हाल को जाने वाली सड़क पर पहले से ही वाहन खड़े होते हैं। यहां से ऊपर जाने के बाद निगम परिसर से गाड़ी मोड़ी जा सकती है। साफ है कि एक गाड़ी को मोड़ने या काटने के चक्कर में जाम लग जाता है। शाम के समय बहुत से कामर्शियल वाहन भी यहां खड़े किए जाते हैं। निगम ने यहां अपने कर्मियों की तैनाती कर रखी है, जो लोगों से पर्ची काटते हुए फीस भी लेते हैं। अक्सर यहां तू-तू, मैं-मैं भी होती है। निगम अधिकारियों ने लड़ाई-झगड़ा न करने भी निर्देश दिए हैं। यही कारण है कि नेता, अधिकारी को देखने पर यह कर्मी चुप हो जाते हैं। ऐसे बन सकती है व्यवस्था

टाउन हाल में मेयर कार्यालय और कांफ्रेंस हॉल इमारत के पीछे की जमीन को निगम ने जब्त सामान का डं¨पग ग्राउंड बना रखा है। इस जगह को माननीयों के वाहनों की पार्किंग के लिए इस्तेमाल करने के लायक बनाकर थोड़ी राहत दिलाई जा सकती है। इसके अलावा नगर निगम के अलावा अन्य दफ्तरों को यहां से शिफ्ट करने से भी समस्या कुछ हद तक ठीक हो सकती है। निगम को अपनी बि¨ल्डग के पीछे की जमीन को इस्तेमाल करते हुए नेता जी सुभाष चंद्र पार्क से रास्ता निकाल कर थोड़े वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था के प्रस्ताव पर फिर गौर करनी होगी। पहले यहां पार्किंग का प्रस्ताव बनाया गया था। अधिकारियों के तबादलों से यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में जा चुका है। पार्किंग के लिए किए जाएंगे इंतजाम

‘हमारी पूरी कोशिश है कि एक अच्छी व्यवस्था बनाई जाए। यहां वाहनों की पार्किंग में कोई दिक्कत न हो, ऐसे इंतजाम किए जाएंगे। इस पर विचार किया जाएगा। माननीयों से विचार-विमर्श कर कुछ और बेहतर भी करेंगे।’