मीटू प्रकरण: मानहानि केस में पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर बुधवार को कोर्ट में दर्ज करायेंगे बयान

मीटू के आरोपों में घिरे पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर की तरफ से पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी.एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल की अदालत में बुधवार को एमजे अकबर अपना बयान दर्ज करायेंगे.दरअसल, पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि 31 अक्टूबर को शिकायतकर्ता एमजे अकबर का बयान दर्ज किया जाएगा और कोर्ट उसी दिन इस मामले को सुनेगी.

एमजे अकबर तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता गीता लूथरा ने अदालत में मामले से संबंधित जानकारी दाखिल की थी.कोर्ट को पूरे मामले से अवगत कराते हुए कहा था कि ट्वीट और सोशल मीडिया के पोस्ट याचिकाकर्ता की छवि को खराब कर रहे हैं.

दरअसल, अकबर की तरफ से प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस पटियाला हाउस कोर्ट में दायर किया गया था. अर्जी में कहा गया है कि उनके खिलाफ झूठी कहानियों की एक श्रृंखला एक एजेंडे की पूर्ति के लिए प्रेरित तरीके से प्रसारित की जा रही है. उनकी छवि खराब करने के लिए रमानी ने दुर्भावनापूर्ण रूप से झूठी कहानी का सहारा लिया है, जोकि मीडिया में फैल रही है.इससे न सिर्फ उनकी पारिवारिक बल्कि राजनीतिक छवि पर भी बुरा असर पड़ रहा है.

आपको बता दें कि मीटू के आरोपों का सामना कर रहे एमजे अकबर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था.एमजे अकबर ने अपने इस्तीफे में कहा था कि उन्होंने न्याय के लिए व्यक्तिगत तौर पर केस दायर किया है. इसलिए अपने पद से हटकर खुद पर लगे झूठे आरोप का सामना करना चाहते हैं.ट्विटर पर ‘मी टू’ अभियान के तहत एमजे अकबर के साथ करीब बीस साल पहले काम कर चुकीं पत्रकार प्रिया रमानी ने उन पर यौन दु‌र्व्यवहार का आरोप लगाया था.अन्य महिलाओं ने भी इस अभियान के तहत ट्विटर पर ही अकबर पर ऐसे ही आरोप लगाए थे.