‘मौलिक आधिकारों में हस्तक्षेप करना बीजेपी और RSS का एजेंजा’ : पिनराई विजयन

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के सबरीमाला मुद्दे पर आए बयान के बाद शनिवार को केरल के सीएम पिनराई विजयन ने निशाना साधा है. सीएम विजयन ने कहा कि अमित शाह का बयान संविधान और कानून के खिलाफ है. उनका यह बयान दर्शाता है कि बीजेपी खुले तौर पर लोगों के मौलिक अधिकारों में हस्तक्षेप रखने का इरादा रखती है. विजयन ने कहा कि यह आरएसएस और संघ परिवार का एजेंडा है कि लोगों के मौलिक अधिकारों में हस्तक्षेप किया जाए.

पिनराई विजयन ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष ने हमारी सरकार को उखाड़ फेंकने की चेतावनी दी है. मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हमारी सरकार लोगों के जनादेश पर बनी है, नाकि बीजेपी की दया पर. उनका यह बयान लोगों के जनादेश के खिलाफ है. गौरतलब है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सभी उम्र की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के माकपा नीत एलडीएफ सरकार के फैसले का विरोध करने वाले श्रद्धालुओं को शनिवार को अपना पूर्ण समर्थन दर्शाया था. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि वामपंथी सरकार प्रदर्शनों को ताकत के बल पर ‘दबाना’ चाहती है.

शाह ने प्रदर्शन कर रहे लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में कहा कि बीजेपी सबरीमाला में भक्तों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और प्रदेश सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ है. शाह ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं के प्रदर्शन को चुनौती देने के लिये पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है. अमित शाह शनिवार को केरल के कन्नूर में जिला बीजेपी ऑफिस का उद्घाटन करने पहुंचे थे.

प्रदर्शनों को दबाने की चुकानी होगी भारी कीमत- शाह
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और संघ परिवार के कार्यकर्ताओं समेत प्रदेश भर में सभी वर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 2000 से ज्यादा श्रद्धालुओं की गिरफ्तारी की भी आलोचना की. अपने संबोधन की शुरुआत ‘स्वामी शरणम अयप्पा’ के मंत्र से करते हुए उन्होंने कहा कि अगर विरोध प्रदर्शनों को दबाया जाना जारी रहा तो, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को ‘भारी कीमत’ चुकानी होगी. विजयन को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का विरोध प्रदर्शन को दबाना ‘आग से खेलने’ के तुल्य है.

विजयन फैसले के क्रियान्वन के नाम पर बंद करें बर्बरता- बीजेपी अध्यक्ष
उन्होंने कहा, ”सुप्रीम कोर्ट के फैसले के क्रियान्वयन के नाम पर मुख्यमंत्री को बर्बरता बंद करनी चाहिए.” शाह ने कहा कि यहां तक कि प्रदेश में महिलाएं भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन के खिलाफ हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वामपंथी सरकार सबरीमाला मंदिर को ‘बर्बाद’ करने की कोशिश कर रही है और उनकी पार्टी माकपा के नेतृत्व वाली सरकार को ‘हिंदु धर्म को दांव पर नहीं लगाने देगी”. शाह ने कहा, ‘किसी भी दूसरे अयप्पा मंदिर में महिलाओं के पूजा करने पर कोई पाबंदी नहीं है…सबरीमला मंदिर की विशिष्टता को बचाए रखना चाहिए.’

कम्युनिस्ट सरकार मंदिरों के खिलाफ रच रही है साजिश- शाह
उन्होंने कहा, ‘कम्युनिस्ट सरकार मंदिरों के खिलाफ साजिश रच रही है. उन्होंने केरल में आपातकाल जैसी स्थिति बना दी है.’ वामपंथी सरकार द्वारा पूर्व के कई अदालती आदेशों को लागू न किये जाने को याद करते हुए उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में अदालत के आदेश का क्रियान्वयन लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए.