सबरीमाला मंदिर मामले में फंसी स्मृति ईरानी, बिहार में दायर हुआ परिवाद

केंद्रीय मंत्री और स्मृति ईरानी के खिलाफ बिहार के सीतामढ़ी स्थित न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है. यह परिवाद स्मृति ईरानी के उस बयान को लेकर दायर किया गया था. जिसमें स्मृति ईरानी ने केरल स्थित सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश लेने के खिलाफ बयान दिया था. बयान के बाद स्मृति ईरानी की कड़ी आलोचना की जा रही है.

बिहार के सीतामढ़ी में स्मृति ईरानी के खिलाफ परिवाद दायर किया गया है. परिवाद दायर करने वाले अधिवक्ता चंदन सिंह ने बताया कि इस मामले में सबरीमाला मंदिर के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों को भी अभियुक्त बनाया गया है.

उनका कहना है कि परिवाद महिलाओं के विरूद्ध दिए गए बयान को लेकर है. उनका मानना है कि उन्होंने महिलाओं का अपमान किया है. और उनके अधिकारों के खिलाफ बयान दिया है. परिवार सीजेएम कोर्ट में दायर किया गया है.

आपको बता दें कि स्मृति ईरानी ने केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने का समर्थन किया था. बीते मंगलवार को स्मृति ईरानी ने कहा कि पूजा करने के अधिकार का मतलब यह नहीं है कि आपको अपवित्र करने का भी अधिकार मिला है.

हालांकि स्मृति ईरानी ने कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ मैं नहीं बोल रही हूं. लेकिन उन्होंने कहा कि महिलाओं को पूजा करने का अधिकार है लेकिन उन्हें अपवित्र करने का अधिकार नहीं है.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के इस बयान से पूरे देश में राजनीति भी तेज हो गई है. वहीं, आम लोग भी मंत्री से नाराज दिख रहे हैं. अब उनके खिलाफ परिवाद भी दायर किया गया है. ऐसे में सबरिमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ बोलकर स्मृति ईरानी ने नई फजीहत उठा ली है.

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने भी धार्मिक मामलों में बयान देकर फंस चुके हैं. उनके खिलाफ भी मुजफ्फरपुर में परिवाद दायर किया गया है. गिरिराज सिंह पर परिवाद उस बयान के लिए दायर किया गया है. जिसमें उन्हें मुसलमानों को राम का वंशज बताया था. और मुसलमानों को राम मंदिर के निर्माण के लिए साथ आने की नसीहत दी थी.