सरकार ने SC में सीलबंद लिफाफे में सौंपी राफेल डील की जानकारी, 29 अक्‍टूबर को सुनवाई

केंद्र सरकार ने राफेल डाल को लेकर सु्प्रीम कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी है. शनिवार को सरकार की ओर से कोर्ट सेक्रेटरी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में राफेल डील को लेकर सरकारी स्तर पर लिए गए निर्णय से जुड़ी जानकारी सीलबंद लिफाफे में सौंपी है. हालांकि इस जानकारी में सरकार ने राफेल से जुड़ी तकनीकी जानकारी और इस डील की कीमतों के बारे में जानकारी नहीं दी है. बता दें कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार से इसकी जानकारी मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई 29 अक्टूबर को होनी है.

बता दें कि इससे पहले 10 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. इस मामले में दो याचिकाकर्ताओं ने अपील की है कि भारत सरकार को डील के मामले में प्लेन की कीमतों का खुलासा करना चाहिए. वहीं, तीसरे याचिकाकर्ता तहसीन पूनावाला ने सुनवाई से ठीक पहले अपनी याचिका को वापस ले लिया. मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सीलबंद लिफाफे में डील की जानकारी देने के लिए कहा था. कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह 29 अक्टूबर तक इस मामले की जानकारी दे.

कोर्ट में क्या-क्या हुआ था
कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया कि ये नेशनल सिक्योरिटी का मामला है. केंद्र सरकार ने कहा कि ये जनहित याचिका नही है बल्कि राजनीति से प्रेरित याचिका है. सरकार ने कहा कि ये समय चुनाव का है अगर कोर्ट याचिका पर नोटिस जारी करता है तो सीधे PM को जाता है. इस याचिका पर सुनवाई की जरूरत नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा चलिए ये मान लीजिए कि मैं आपसे इस डील की जानकारी केवल कोर्ट को देने को कहता हूं? तो क्या आप कोर्ट को देंगे?

आपको बता दें कि एक वकील विनीत ढांडा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि कोर्ट डील पर सरकार से रिपोर्ट ले और देखे कि सब सही है या नहीं.वहीं दूसरे वकील ने अपनी याचिका में डील को रद्द करने की मांग की है.साथ ही याचिका में पीएम और अनिल अंबानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है.