2008 मालेगांव विस्फोट मामले में कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सहित पांच अन्य पर आरोप तय

2008 मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित की याचिका को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने खारिज करते हुए आरोप तय कर दिए हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित और साध्वी प्रजा सहित पांचो दोषियों पर आरोप तय किए गए हैं।

एनआईए की विशेष अदालत ने वर्ष 2008 के मालेगांव बम धमाका मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित अन्य के खिलाफ आरोप तय किए हैं। मालेगांव मामले में सभी सात आरोपियों के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) और आईपीसी की धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।

इस धमाका मामले में सातों आरोपियों पर आतंकवाद की साजिश रचने सहित हत्या और अन्य अपराध का आरोप भी दर्ज किया है। सभी आरोपियों पर आईपीसी की गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) और आईपीसी की धाराओं के तहत इन पर मुकदमा चलाया जाएगा। इस मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

इससे पहले सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने कर्नल पुरोहित की उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और यह तय माना गया था कि मंगलवार को अदालत कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा समेत सभी आरोपियों पर आरोप तय किए जाएंगे। आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को 5 लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिल चुकी है। मालेगांव धमाका मामले में साध्वी प्रज्ञा समेत सात आरोपियों को अप्रैल 2017 में बॉम्बे हाईकोर्ट जमानत मिल गई थी।

फैसला सुनाते हुए  न्यायाधीश वीएस पडलकर ने कहा कि सभी आरोपियों पर अभिनव भारत संस्था बनाने और 2008 में मालेगांव धमाका करने का आरोप लगाया जाता है जिसमें छह लोग मारे गए थे।29 सितंबर 2008 को हुए इस धमाके में छह लोगों की जान चली गई थी 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।