भारत में 6 महीने से फंसे थे 354 कश्मीरी छात्र, पढ़ाई के लिए वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान जाने की मिली अनुमति

354 कश्मीरी छात्र जो छह महीने से ज्यादा भारत में फंसे थे, उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति दे दी गई है। गुरुवार को वह वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान भेजे जाएंगे। ये छात्र पाकिस्तान से पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों देशों के विदेश और आंतरिक मंत्रालयों के बीच बातचीत के बाद उन्हें आगे की पढ़ाई पूरी करने की अनुमति दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के 354 छात्र पाकिस्तान में चिकित्सा, इंजिनियरिंग और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं। उनका शैक्षिक सत्र 14-15 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। छात्रों के गुरुवार को वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान भेज दिया जाएगा।

‘शैक्षिक सत्र बर्बाद होने से बचा’
दक्षिणी कश्मीर के रावलपिंडी मेडिकल विश्वविद्यालय के तीसरे वर्ष के छात्र ने फोन पर ईटी को बताया, ‘हमने भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क किया और सेमेस्टर की शुरुआत से पहले हमारी यात्रा की अनुमति देने का आग्रह किया। लगभग 354 छात्र हैं जिन्हें यात्रा करने की अनुमति दी गई है। अगर अनुमति मिलने में देरी होती तो हमारा पूरा शैक्षणिक सत्र बर्बाद हो जाता।’ 20 साल के एक छात्र ने बताया कि वह इस साल मार्च में भारत आया था और तब से यहीं फंसा था।

अटारी बॉर्डर से मिलेंगे परिवहन
8 सितंबर को जारी एक आदेश में, पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने कहा, ‘यह अनुरोध किया जाता है कि 354 भारतीय नागरिकों को आवश्यक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल और स्क्रीनिंग के बाद 10 सितंबर, 2020 को वाघा बॉर्डर से वैध वीजा और पासपोर्ट के साथ पाकिस्तान में प्रवेश करने की अनुमति दी जा सकती है।’ अधिकारियों ने कहा कि छात्र सड़क मार्ग से अटारी पहुंचेंगे और वहां से उन्हें अपने कॉलेज और संस्थानों के लिए परिवहन उपलब्ध कराए जाने की संभावना है।

मेडिकल काउंसिल ने जारी किया था नोटिस
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने हाल ही में एक पब्लिक नोटिस जारी किया था कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में मेडिकल कॉलेजों द्वारा दी जाने वाली डिग्रियां (PoJKL) भारत में मान्य नहीं होंगी। क्षेत्र के एक हिस्से पर पाकिस्तान अवैध और जबरन कब्जा कर रहा है।

पीओके के मेडिकल कॉलेजों को नहीं मान्यता
नोटिस में कहा गया कि पीओजेकेएल में किसी भी चिकित्सा संस्थान को भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 के तहत अनुमति और मान्यता की आवश्यकता होती है। पीओजेकेएल में किसी भी मेडिकल कॉलेज को ऐसी अनुमति नहीं दी गई है। इसलिए, भारत के इन अवैध रूप से कब्जे वाले क्षेत्रों के भीतर मेडिकल कॉलेजों से प्राप्त कोई भी डिग्री भारत में आधुनिक चिकित्सा पद्धति की प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं देता है। भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 के तहत एक भी व्यक्ति का पंजीकरण भारत में नहीं होगा।

मई- जून में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ा था तनाव
इस साल जून में पाकिस्तान और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंध खराब हो गए थे जब भारत ने पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक संबंध। राजनयिक संबंधों को कम करने के कदम के बाद भारत ने नई दिल्ली में उच्चायोग में अधिकारियों की जासूसी गतिविधियों के बारे में बार-बार चिंता जताई। 31 मई को, दो अधिकारियों को राजधानी में जासूसी करते पकड़ा गया था। दोनों को निर्वासित करने के तुरंत बाद, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में दो अधिकारियों को बंदूक की नोक पर रखकर उनका अपहरण कर लिया गया था।