J&K: उत्तरी कश्मीर में अभी भी 50 आतंकी सक्रिय, हमले के दौरान बॉडी कैमरे लगाते हैं दहशतगर्द

जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में आतंकी संगठनों के कई बड़े नामी कमांडर मारे जा चुके हैं। उत्तरी कश्मीर में अभी भी 50 से ज्यादा आतंकी सक्रिय हैं जिसमें कुछ ही कमांडर जिंदा बचे हैं। उन्होंने कहा कि जो कुछ अफवाह फैलाई जाती है वो सरासर गलत है।

आईजी विजय कुमार ने गुरुवार को कहा कि उत्तरी कश्मीर में अभी काफी आतंकी सक्रिय हैं, इनमें कुछ कमांडर भी शामिल हैं। इनमें से एक बांदीपोरा के सुमबल का लश्कर कमांडर सलीम पररे भी है और बाकियों के नाम अभी फिलहाल हम सार्वजनिक नहीं करना चाहेंगे। टॉप 12 आतंकियों में से उत्तरी कश्मीर के तीन आतंकी सज्जाद हैदर, नासिर और उस्मान थे, जो मारे जा चुके हैं।

उन्होंने आतंकियों की रणनीति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अधिकतर हमले आतंकियों ने नाका पार्टी पर किए हैं। लॉकडाउन के चलते बहुत नाके लगाने पड़ते हैं और इस दौरान जहां पर भी आतंकियों को नफरी की संख्या कम लगी वहां उन्होंने हमलों को अंजाम दिया। नाकों पर सिविलियन की तलाशी के दौरान ध्यान उस ओर रहता है जिसका फायदा उठाते हुए आतंकियों ने हमलों को अंजाम दिया।

बताया कि पूरे कश्मीर में सक्रिय आतंकियों की संख्या 195 के करीब है। कुछ मारे गए तो कुछ नए आए हैं। आतंकियों की जो लीडरशिप थी वो खत्म हो चुकी है। रियाज नायकू, यासिर कारी, फौजी भाई, वलीद भाई जैसे बड़े नामों का खात्मा किया जा चुका है।

आईजीपी ने कहा कि जुलाई के पहले हफ्ते सज्जाद हैदर ने एक ऑडियो जारी किया था जिसमें उसने पत्रकारों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और राजनेताओं को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। आईजीपी को भो यह चेतावनी दी थी कि अगर आतंकी के परिवार वालों को तंग करोगे तो पुलिस वालों के परिवार वालों को मारा जाएगा। आईजीपी ने कहा कि हमारी ओर से किसी भी आतंकी के परिवार वाले को तंग नहीं किया जाता है। केवल हिज्ब कमांडर अब्बास की बहन को हमने बुक किया है और उसके खिलाफ बहुत सारे सबूत हैं जिसके आधार पर कोर्ट ने भी उसे बेल देने से इनकार किया है।

हंदवाड़ा मुठभेड़ में आतंकियों को जवाबी कार्रवाई का भी नहीं मिला मौका
सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हंदवाड़ा में मारे गए आतंकी नासिर और उसके ग्रुप को पिछले एक हफ्ते से ट्रैक किया जा रहा था। बुधवार रात जब आतंकी ग्रुप को लेकर पिन पॉइंट इंटेलिजेंस मिली तो तुरंत सुरक्षाबलों ने उन पर धावा बोल दिया। हमला ऐसा था कि आतंकियों को कोई जवाबी कार्रवाई का मौका नहीं मिला।

सेना की 7 सेक्टर के कमांडर ब्रिगेडियर एमएस राठौर ने बताया कि नसीर और सज्जाद एलओसी पर नए आतंकी ग्रुप को रिसीविंग का काम करते थे। सज्जाद के मारे जाने के बाद नसीर को लश्कर का कमांडर घोषित करने की प्लानिंग थी और उससे पहले वह ऐसी कार्रवाई करने आना चाहता था जिससे उसका कमांडर के तौर पर रुतबा बने।

हमले के फोटो जारी
आतंकी संगठनों द्वारा कार्रवाई को अंजाम देते समय हमले की रिकॉर्डिंग के लिए आतंकियों को बॉडी कैमरे दिए गए हैं। इसका खुलासा टीआरएफ द्वारा जारी किए गए एक वीडियो के दौरान किया गया है। इसमें उन्होंने क्रीरी बारामुला में किए गए हमले के कुछ फोटो जारी किए हैं। उस वीडियो में लिखा गया है कि जल्द हमले की वीडियो भी जारी की जाएगी। सूत्रों की मानें तो अब जैश, लश्कर और अल बदर के आतंकी मिलकर काम कर रहे हैं और सभी को बॉडी कैमरे दिये गए हैं जिससे वह हमले की रिकॉर्डिंग कर सके।

कश्मीर जोन पुलिस ने कहा है कि हमले के वीडियो जारी करके आतंकवादी फिर से आतंक फैलाना चाहते हैं। लेकिन उनके नापाक मंसूबों को हम सफल नहीं होने देंगे। सुरक्षाबलों ने मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए चार शीर्ष आतंकियों को मार गिराने में सफलता पाई है। मारे गए शीर्ष आतंकियों में सज्जाद हैदर, तैमूर खान, नसीर उर्फ साद और अली भाई उर्फ दानिश जैसे आतंकी शामिल हैं।