कांग्रेस में डेमोक्रेसी को लेकर अमित शाह ने साधा निशाना, अपने इमरजेंसी वाले ट्वीट को बताया सही

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को राजनीतिक पार्टियों में डेमोक्रेसी से लेकर इमरजेंसी तक जैसे कई मुद्दों पर एएनआई के साथ बातचीत की. इन सभी मुद्दों पर गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना भी साधा. शाह ने कहा, “बीजेपी में पहले आडवाणी जी अध्यक्ष बनें, फिर राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, एक बार फिर राजनाथ सिंह, उसके बाद मैं और अब जेपी नड्डा अध्यक्ष हैं. यहां कोई भी एक परिवार का सदस्य नहीं है. लेकिन कांग्रेस पार्टी में इंदिरा गांधी के बाद एक भी अध्यक्ष गांधी परिवार के बाहर का नहीं बना है.”

इसके अलावा अमित शाह ने हाल ही में इमरजेंसी पर किए गए अपने एक ट्वीट पर भी सफाई दी. 25 जून को अमित शाह ने ट्वीट में लिखा था कि कांग्रेस में बोलने के लिए आजादी नहीं है. इस पर शाह ने इंटरव्यू में सफाई देते हुए कहा कि उनका ये ट्वीट इमरजेंसी के खिलाफ था.

अमित शाह ने कहा, “कोरोना संकट के समय मैंने कोई राजनीति नहीं की है. हर साल 25 जून को इमरजेंसी पर मैं कुछ बयान देता हूं. इमरजेंसी को पूरे देश को याद रखना चाहिए. क्योंकि हमारे लोकतंत्र की नींव पर प्रहार किया गया था. इसलिए इस किसी राजनीतिक नेता या नागरिक को इसे कभी भूलना नहीं चाहिए. स्थिति के अनुसार इमरजेंसी का मतलब बदल जाता है. लेकिन मेरा ये ट्वीट इमरजेंसी के खिलाफ था.”

राहुल गांधी के ‘सरेंडर मोदी’ वाले ट्वीट पर ये बोले शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के ‘सरेंडर मोदी’ वाले ब्यान पर भी पलटवार किया है. अमित शाह ने कहा, “पार्लियामेंट होनी है, चर्चा होनी है तो आइए, करेंगे. 1962 से आजतक दो-दो हाथ हो जाएं. मगर जब देश के जवान संघर्ष कर रहे हैं, सरकार स्टैंड लेकर ठोस कदम उठा रही है उस वक्त ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिससे पाकिस्तान या चीन को खुशी हो.”

शाह ने कहा कि ”कांग्रेस और राहुल को खुद इस बारे में सोचना चाहिए. उनकी इस बात को पाकिस्तान और चीन में लोग हैशटैग बनाकर इस्तेमाल कर रहे थे. कांग्रेस को इसके बारे में सोचना चाहिए कि उनकी पार्टी के नेता का हैशटैग चीन-पाकिस्तान को बढ़ावा देता है, वह भी ऐसे संकट के समय.”