कोरोना वायरसः Zenara Pharma को मिली Favipiravir टैबलेट बनाने और बेचने की मंजूरी, इलाज हुआ संभव

 देश में लगातार बढ़ रहा कोरोना का संक्रमण अबतक 19 लाख से ज्यादा को संक्रमित कर चुका है. अभी तक 1908255 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं. वहीं 39795 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है. हाल ही में हैदराबाद स्थित Zenara Pharma कंपनी को Favipiravir टैबलेट बनाने और बेचने के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मिल गई है. इस दवाई कोरोना वायरस संक्रमण के हल्के से मध्यम लक्षणों वाले रोगियों के इलाज के लिए काफी कारगर है.

Favipiravir टैबलेट बनाने और बेचने की मंजूरी पाने वाली कंपनी Zenara Pharma, Biophore India Pharmaceuticals की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है. ‘Favizen’ ब्रांड नाम के तहत बेचा जाने वाली यह टैबलेट ज़ेनरा की यूएस एफडीए द्वारा एप्रूव्ड है, जिसे हैदराबाद में निर्मित किया जाएगा.

भारत में कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए Favipiravir और रेमेडिसविर की मांग सबसे अधिक है. भारत में कोरोनोवायरस के प्रकोप से लड़ने के लिए ड्रग्स नियामक द्वारा आपातकालीन इलाज के रूप में इन्हें पहले ही अनुमोदित कर दिया गया है.

सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक डॉ जगदीश बाबू रंगीसेट्टी ने कहा “चल रही महामारी में, दवा कंपनियों के लिए कोरोना वायरस के रोगियों के लिए सुरक्षित और प्रभावी उपचार विकल्प प्रदान करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है. मुझे यह कहते हुए गर्व है कि हम हमारे अपने इन-हाउस एपीआई हैं और उत्पादन के लिए किसी भी आयात पर निर्भर नहीं हैं.”

बता दें कि अब तक Favipiravir ने कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ कुछ परीक्षणों में सकारात्मक ​​परिणामों दिया है. इससे पहले से ही रूस और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए इस दवा का उपयोग करने के लिए अनुमोदित किया गया है. वर्तमान में भारत सहित कई देशों में इस पर उन्नत चरण के परीक्षण चल रहे हैं.

देश के अंदर कोरोना संक्रमितों तक दवा पहुंचाने के लिए ज़ेनरा फार्मा राज्य संस्थानों और अस्पतालों के साथ बातचीत कर रहा है. वहीं रोगीयों तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कंपनी अन्य भागीदारों के साथ भी गठजोड़ करने की संभावना पर विचार कर रही है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, ज़ेनरा ने मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिकी देशों को निर्यात शुरू कर दिया है.