अमरनाथ यात्रा से पहले सेना और सुरक्षा बलों ने लिया बड़ा फैसला, जानिए पूरा मामला

अमरनाथ की पवित्र गुफा की वार्षिक यात्रा से पहले जम्मू में नियंत्रण रेखा (एलओसी) एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के आस-पास सुरक्षा ग्रिड को मजबूत किया गया है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. 46 दिनों की यह यात्रा अनंतनाग जिले के पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गंदेरबल जिले के छोटे बालटाल मार्ग से एक जुलाई को शुरू होगी और रक्षा बंधन के दिन यानि 15 अगस्त को इसका समापन होगा.

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की यहां हुई एक संयुक्त बैठक में यात्रा के सिलसिले में आईबी, एलओसी एवं राजमार्ग समेत ‍आंतरिक इलाकों में सुरक्षा के विस्तृत उपायों पर चर्चा की गई. उन्होंने बताया कि जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक सुजीत कुमार की अध्यक्षता में हुई यह बैठक एलओसी एवं आईबी पर सीमा प्रबंधन एवं सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिहाज से बुलाई गई थी. अमरनाथ दक्षिण कश्मीर में स्थित है.

अधिकारियों ने बताया कि सेना एवं बीएसएफ के अधिकारियों को अपने-अपने इलाकों में पुलिस अधिकारियों के साथ नियमित बैठक करने और आतंकवाद एवं आतंकवादियों के संबंध में कोई भी महत्त्वपूर्ण सूचना मिलने की स्थिति में खुफिया जानकारी साझा करने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) ने कहा है कि उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार आकस्मिक योजना बनाई है. अधिकारियों ने बताया कि बैठक में मौजूद अधिकारियों ने बुलेट प्रूफ बंकरों, आधुनिक उपकरणों एवं मशीनों की मांग भी की.