सरकार रेलवे बोगियों को आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित करेगी: अटल डुल्लू

वित्तीय आयुक्त, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग, अटल डुल्लू ने शनिवार को कहा कि सरकार कोरोनोवायरस वाले रोगियों के लिए कुछ रेलवे बोगियों को अलगाव वार्ड में बदलने की योजना बना रही है।
यह निर्णय रेलवे विभाग और जम्मू में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के बीच एक बैठक के बाद लिया गया था जिसमें रेलवे बोगियों को अलगाव वार्ड के रूप में परिवर्तित करने के लिए विभिन्न तौर-तरीकों पर चर्चा की गई थी। बैठक में संभागीय यातायात प्रबंधक रेलवे, जम्मू, सेनन तनेजा, निदेशक (समन्वय), न्यू मेडिकल कॉलेज, यषपाल शर्मा, डीआई एसपी रेलवे, अनीता पवार और अन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक के दौरान अटल डुल्लू ने रेलवे अधिकारियों को कोच में कम से कम 100 आइसोलेशन बेड उपलब्ध कराने के लिए कहा ताकि कोविड-19 मामलों के लिए आइसोलेशन सुविधाओं को बढ़ाया जा सके।
रेलवे अधिकारियों द्वारा एफसी को सूचित किया गया था कि वे बोगियों को अलगाव सुविधाओं में परिवर्तित करने की पहचान करते हैं और उन्हें जल्द से जल्द एक उचित स्थान पर तैनात किया जाएगा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने रोगी सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कुछ संशोधनों के लिए रेलवे अधिकारियों को चिन्हित बोगियों में शामिल करने के लिए भी कहा है, जिन्हें रेलवे अधिकारियों ने उचित विचार दिया था।
वित्तीय आयुक्त ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलगाव उद्देश्यों के लिए बोगियों को तैयार करने में अत्यधिक सावधानी बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि रोगी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इन अलगाव सुविधाओं में रोगियों को उचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्थानों की व्यवहार्यता और लाभप्रद पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, अगले दो से तीन दिनों में बोगियों को ंचतवचमत जगह पर तैनात किया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि रेलवे कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा जो वहां से जुड़े होंगे और अगले तीन दिनों में यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
यह भी दिया गया कि कोविड-19 रोगियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं प्रदान करने के लिए इन अलगाव डिब्बों के संचालन और उपयोग के लिए एक विस्तृत एसओपी भी जारी किया जाएगा।
इससे पहले, वित्तीय आयुक्त ने सेना की सेवाओं का उपयोग करते हुए जम्मू व कश्मीर में अस्थायी अलगाव अस्पतालों की स्थापना के लिए तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए उत्तरी कमान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस भी की।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में उत्तरी कमान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, बेस अस्पताल जम्मू के अधिकारी, कश्मीर संभाग के सेना अधिकारी, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं जम्मू, रेनू शर्मा, यषपाल शर्मा, संयुक्त निदेशक योजना स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा, मदन लाल और कश्मीर विभाग के अन्य अधिकारियों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
बैठक को तौर-तरीकों और बुनियादी ढांचे और मानव शक्ति पर चर्चा करने के लिए आयोजित किया गया था, जिसे अस्थायी अलगाव अस्पतालों की स्थापना में आवश्यक होगा।
अलगाव सुविधाओं की स्थापना के लिए बैठक के दौरान चर्चा के लिए विभिन्न स्थानो ंपर चर्चा की गई । चर्चा में आने वाले संभावित स्थानों में जम्मू में एक स्टेडियम और एक आश्रम शामिल है और किसी भी स्थान को अस्थायी कोविड-19 अस्पताल में परिवर्तित करने से पहले उचित दिशानिर्देशों का पालन करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
यह बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में प्रत्येक 100-200 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना सेना द्वारा की जाएगी ताकि कोरोनोवायरस मामलों में स्पाइक की संभावना को पूरा किया जा सके।
वित्तीय आयुक्त ने रेनू शर्मा और यषपाल शर्मा को सेना के साथ समन्वित तरीके से काम करने और चर्चा किए गए स्थान पर जाने और उनके द्वारा पेश की जाने वाली व्यवहार्यता और लाभप्रद स्थितियों को देखने का निर्देश दिया। उन्होंने उन आवश्यकताओं और बुनियादी ढाँचे को देखने के लिए निर्देश दिया, जिनकी आवश्यकता कोविड-19 अस्पतालों के निर्माण में होगी। उन्हें जनशक्ति और बुनियादी ढांचे को देखने के लिए निर्देशित किया गया है जो सेना के पास उपलब्ध है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा और क्या प्रदान किया जाएगा।
उन्हें सूचित किया गया था कि कश्मीर में सेना के अधिकारियों ने पहले ही ऐसी जगहों की पहचान कर ली है जिन्हें अलगाव सुविधाओं में परिवर्तित किया जाएगा।
वित्तीय आयुक्त ने निदेशक स्वास्थ्य सेवा, कश्मीर को स्थानों का दौरा करने और सेना के साथ तौर-तरीकों पर चर्चा करने का निर्देश दिया, ताकि जल्द से जल्द उंामेीपजि अलगाव अस्पताल उपलब्ध कराया जाएगा।
यह निर्णय लिया गया कि सेना द्वारा अस्थायी अलगाव अस्पतालों की स्थापना के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अंतिम रोड मैप पर चर्चा करने के लिए अगले सप्ताह एक और बैठक आयोजित की जाएगी।
वित्तीय आयुक्त ने गांधी नगर कोविड-19 अस्पताल का भी दौरा किया और उन व्यवस्थाओं का जायजा लिया जो कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए रखी गई हैं। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने अधिकारियों को दवा की पर्याप्त आपूर्ति रखने का निर्देश दिया और उन्हें सभी मशीनरी और अन्य आवश्यक उपकरण रखने के लिए कहा ताकि नव स्थापित 200 बेड वाले ब्लॉक को कोविड-19 रोगियों को कुशल तरीके से पूरा किया जाए।
हाल ही में सरकार ने सरकारी अस्पताल, गांधी नगर जम्मू को पूरी तरह से कोव्उि-19 अस्पताल के रूप में समर्पित किया था। गांधी नगर अस्पताल में पहले से ही अलगाव की सुविधा के लिए 70 बिस्तरों की जगह थी और इस तरह अस्पताल की अलगाव क्षमता 270 बिस्तरों तक बढ़ गई।