सिर्फ गरीब ही नहीं, अब ये लोग भी उठा सकेंगे आयुष्मान भारत योजना का लाभ

आयुष्मान भारत योजना के जरिए देश की गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं. लेकिन अब ये योजना सिर्फ गरीबों तक सीमित नहीं रहेगी. इसका फायदा देश को वो नागरिक भी ले सकेंगे जो गरीबी रेखा से ऊपर हैं. सरकार ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है.

सरकार आयुष्मान भारत के जरिए देश के 10.74 करोड़ परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस कवर देती है. नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) ने अब इस योजना को ‘the missing middle’ यानि जिन तक ये स्कीम नहीं पहुंची है, उन तक पहुंचाने के लिए भी हरी झंडी दे दी है.

आयुष्मान भारत योजना के इस विस्तार से बड़े पैमाने पर उन लोगों को फायदा होगा जो अनियमित सेक्टर्स में काम करते हैं. सेल्फ इम्पलॉयड हैं, प्रोफेशनल्स हैं, या फिर छोटे मोटे उद्योग धंधों (MSMEs) से जुड़ी कंपनियों में काम करते हैं. सरकार का कहना है कि योजना को ‘the missing middle’ तक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहुंचाया जाएगा. उसके बाद मालूम चलेगा कि क्या काम करता है और क्या नहीं.

सभी हेल्थ स्कीम्स ‘आयुष्मान’ में शामिल
इसके अलावा नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) बोर्ड ने कर्मचारियों के लिए केंद्र की मौजूदा हेल्थ स्कीम्स को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में विलय को मंजूरी दे दी है. इसमें सरकार के परमानेंट और ठेके पर रखे गए कर्मचारी भी शामिल हैं.

इसके दायरे में कंस्ट्रक्शन वर्कर्स, सफाई कर्मचारी, सड़क हादसे में घायल मरीज, सेंट्रल आर्म्ड फोर्स के जवान भी आएंगे। इन योजनाओं का विलय होने के बाद उन करोड़ों लोगों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है जो अबतक स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में चल रहे थे.