जम्मू-कश्मीर में सेना की भर्ती में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 88 फीसदी का इजाफा

आतंकवाद से प्रभावित जम्मू-कश्मीर के नौजवानों में देश सेवा के जज्बे की भी कमी नहीं है। यहां के नौजवानों में सेना में भर्ती होने का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार पिछले तीन सालों के दौरान कश्मीर से सेना में नौजवानों की भर्ती 88 फीसदी बढ़ी है। यह हिमाचल प्रदेश के बाद सर्वाधिक है। 

जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2016-17 के दौरान 1954 नौजवान सेना में भर्ती हुए थे लेकिन 2018-19 के ताजा आंकड़े बताते हैं कि यह संख्या बढ़कर 3672 हो गई। महज तीन सालों के भीतर यह बढ़ोतरी 88 फीसदी के करीब की है। इससे ज्यादा बढ़ोतरी यदि किसी प्रदेश में हुई है तो वह हिमाचल प्रदेश है। हिमाचल में यह संख्या 2172 से बढ़कर 4202 हुई है जो करीब 93 फीसदी की वृद्धि है। कश्मीर में नौजवानों को सेना में करियर बनाने के लिए सेना भी प्रोत्साहित करती है। सेना द्वारा वहां समय-समय पर विशेष भर्ती अभियान चलाए जाते हैं। 

ज्यादातर राज्यों में संख्या घटी
रक्षा मंत्रालय के आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं क्योंकि ज्यादातर राज्यों में सेना में भर्ती होने वालों की संख्या घट रही है। बिहार उपरोक्त अवधि में यह संख्या 2932 से घटकर 2199 हो गई। दिल्ली में 798 से घटकर 167 रह गई। मध्य प्रदेश में 2281 से 865, पश्चिम बंगाल में 2116 से 1471 रह गई। इसी प्रकार तमिलनाडु, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, केरल, ओडिशा तथा राजस्थान में भी सेना में भर्ती होने वाले नौजवानों की संख्या घटी है। 

नेपाली नौजवानों की भर्ती बढ़ी    
भारतीय सेना में नेपाली नौजवानों की भर्ती होती है। नेपाल के नौजवानों की सेना में भर्ती बढ़ी है। यह संख्या 1724 से बढ़कर 2502 दर्ज की गई है। अन्य जिन राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ी है, उनमें हिप्र, कश्मीर के अलावा तेलंगाना, कर्नाटक तथा पंजाब प्रमुख हैं।
 
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की हिस्सेदारी पहले जैसी
आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड समेत कई राज्यों की हिस्सेदारी करीब-करीब पहले जैसी बनी हुई है। उत्तर प्रदेश से 6322, उत्तराखंड के 3222, झारखंड के 663, हरियाणा के 3210 नौजवान सेना में भर्ती हुए। महाराष्ट्र, नगालैंड, मेघालय समेत कई राज्यों में भी स्थिति पहले जैसी बनी हुई है।