जम्मू-कश्मीर: निजी स्कूलों की फीस पर शिक्षा विभाग ने जारी किया सर्कुलर, इस साल नहीं बढ़ेगी फीस

लॉकडाउन के दौरान बंद रहे निजी स्कूल मासिक स्तर पर ट्यूशन फीस ले सकेंगे। वार्षिक फीस की वसूली स्कूल खुलने के बाद होगी। वहीं, इस साल यानी शैक्षिक सत्र 2020-21 में निजी स्कूल फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे। 
शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. असगर हसन सामून ने वीरवार को सर्कुलर जारी कर फीस को लेकर बने असमंजस को दूर कर दिया। 
सर्कुलर के अनुसार मान्यता प्राप्त ऐसे स्कूल जिन्हें सरकार से आर्थिक मदद नहीं मिलती है, अब लॉकडाउन के दौरान सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे। वर्ष 2020-21 के शैक्षिक सत्र में फीस वृद्धि पर रोक रहेगी। इस श्रेणी के निजी स्कूल तीन महीने की फीस एक साथ नहीं बल्कि प्रति माह के हिसाब से ले सकेंगे। निजी स्कूलों को वार्षिक फीस लेने की भी छूट मिल गई है। हालांकि, यह फीस स्कूल खुलने के बाद ही ली जाएगी। सर्कुलर के अनुसार परिवहन शुल्क पर अलग से फैसला लिया जाएगा।

फीस चुकाने में असमर्थ बच्चों को नहीं रोक सकते

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे यदि मौजूदा हालात में फीस नहीं दे सकते हैं तो निजी स्कूल प्रबंधन उन्हें पढ़ाने से मना नहीं कर सकते। उन्हें ऑनलाइन शिक्षा सामग्री से लेकर कक्षाओं तक पहुंच का पूरा अधिकार होगा। 

वहीं, शिक्षा विभाग ने लॉकडाउन के दौरान पंजीकरण अवधि समाप्त होने से प्रभावित स्कूलों को हालात बेहतर होने तक राहत दी है। फिलहाल ऐसे स्कूलों को पंजीकृत ही माना जाएगा।

शिक्षकों के वेतन को फीस जरूरी बताई
शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. असगर हसन सामून ने सर्कुलर में कहा है कि सरकार ने 30 मार्च 2020 को निजी स्कूलों की फीस को लेकर एक आदेश जारी किया था। इसके बाद निजी स्कूलों की एसोसिएशन ने अपनी समस्याएं रखीं। इसमें स्कूल के शिक्षकों को वेतन देने के लिए फीस वसूली को जरूरी बताया गया।