जम्मू-कश्मीर में ट्रांस्पोटर्स की भूख हड़ताल शुरू, पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया

यात्री किराए में 50 प्रतिशत की वृद्धि और बैंक सहित दुसरे ऋणों पर ब्याज को माफ करने जैसी मांगों को लेकर मंगलवार से जम्मू में ट्रांसपोर्टर भूख-हड़ताल पर बैठ गए. वहीं प्रशासन ने भी अपने रुख में सख्ती दिखाते हुए भूख-हड़ताल पर बैठे ट्रांस्पोटर्स को हिरासत में ले लिया.

ऑल जम्मू एंड कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल शुरू

लॉकडाउन के चलते पिछले करीब दो महीने से अधिक समय से अपने करीब 75000 वाहन बंद करके बैठे जम्मू-कश्मीर के ट्रांसपोर्टर अब प्रदेश सरकार के खिलाफ आर या पार की लड़ाई के मूड में हैं. ऑल जम्मू एंड कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले इन ट्रांसपोर्टरों ने मंगलवार से दो दिन की भूख-हड़ताल शुरू की. एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएस वजीर के मुताबिक ट्रांसपोर्टर अब घर में भूखा मरने के बजाये सड़कों पर मरने के लिए तैयार हैं.

मांगे नहीं मानी तो गाड़ियों को आग के हवाले कर देने की धमकी

उन्होंने कहा कि अगर अगले दो दिनों तक उनकी मांगों विचार नहीं किया गया तो वो प्रदेश में चलने वाले सभी पेट्रोल, डीजल और गैस के टैंकरों को भी बंद कर देंगे. उनके मुताबिक अगर इसके बाद भी सरकार नहीं जागी तो उसके अगले दो दिन के बाद ट्रांसपोर्टर अपनी सभी गाड़ियां सड़कों पर ले आएंगे और सड़कों को सील कर देंगे. वजीर ने धमकी देते हुए दावा किया कि अगर इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों का निपटारा नहीं किया तो वो अपनी गाड़ियों को आग के हवाले कर देंगे.

पुलिस ने लिया हिरासत में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल के पैकेज पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उस पैकेज में ट्रांसपोर्ट की कोई सुध नहीं ली गई. वहीं प्रशासन ने भी ट्रांस्पोटर्स के खिलाफ सख्ती दिखते हुए भूख हड़ताल पर बैठे सभी ट्रांस्पोटर्स को हिरासत में ले लिया.