घर खरीदने से पहले जान लें ज्वाइंट होम लोन के 6 बड़े फायदे, जानकारी है जरूरी

अपना आशियाना खरीदना अर किसी का सपना होता है. इस सपने को पूरा करने के लिए लोग जिंदगी भर लगे रहते हैं और घर खरीद खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं. महंगाई के जमाने में अधिकतर लोग लोन पर ही घर लेते हैं. आपकी भी अच्छे से अच्छा घर लेने की ख्वाहिश होगी, ऐसे में आप भी होम लोन की मदद से अपने सपनों का घर खरीद सकते हैं. ज्यादातर मामलों में परिवार के मुखिया के नाम से होम लोन लिया जाता है, लेकिन अगर ज्वाइंट होमलोन लिया जाए, तो ये आपके लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है.

ब्याज दर में मिलता है फायदा
इस बारे में जानकारों की भी सलाह यही है कि ज्वाइंट होमलोन लेना किसी एक व्यक्ति के नाम पर लिए गए लोन से ज्यादा फायदेमंद रहता है. इससे आपको डबल फायदा मिलता है. पहला यह कि आपको टैक्स बेनिफिट अधिक मिलते हैं. दूसरा यह कि यदि आप महिला को लोन में शामिल करते हैं तो लोन पर ब्याज की दर में भी कुछ कमी आ जाती है. इसके अलावा ज्वाइंट होमलोन लेना आपके लिए कई मायनों में अच्छा रहता है, ऐसे ही कई फायदे आगे पढ़ें.

ज्वाइंट होमलोन लेने के फायदे
– लोन लेने की योग्यता बढ़ जाती है.
– आप अधिक बड़ा घर खरीद सकते हैं.
– आप अपनी पसंद की जगह पर घर खरीद सकते हैं.
– अधिक टैक्स बेनिफिट हासिल कीजिए.
– महिला को-एप्लीकेंट होने पर कम ब्याज दर का लाभ.
– साथ में को-एप्लीकेंट के होने से होमलोन एप्रूव होने की उम्मीद बढ़ जाती है.

कौन बन सकता है को-एप्लीकेंट
आमतौर पर परिवार का करीबी सदस्य होमलोन में को-एप्लीकेंट बन सकता है. को-एप्लीकेंट वेतनभोगी हो या सेल्फ एम्पलाइड दोनों ही हो सकते हैं. भारतीय मूल का व्यक्ति या एनआरआई दोनों में से कोई भी को-एप्लीकेंट हो सकता है.

को-एप्लीकेंट और को-ऑनर में अंतर
को-एप्लीकेंट और को-ऑनर में बड़ा अंतर है. को-ऑनर उस प्रॉपर्टी का साझा मालिक है, जबकि को-एप्लीकेंट के लिए उसे प्रॉपर्टी का मालिक होना जरूरी नहीं है. सामान्य नियम है कि को-ऑनर ही को-एप्लीकेंट होगा, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं. को-एप्लीकेंट की जिम्मेदारी लोन चुकाने की है.