गांव, गरीब और किसान के लिए क्या? जानें मोदी सरकार के बजट की अहम बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना पहला बजट पेश कर रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण स्वतंत्र भारत के इतिहास में केंद्रीय बजट पेश करने वाली दूसरी महिला बन गई हैं। वित्त मंत्री सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया। इससे पहले , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2019-20 के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को केंद्रीय बजट की प्रति भी सौंपी। सीतारमण ने भूरे रंग के ब्रिफकेस की परंपरा से आगे बढ़ते हुए लाल रंग का पार्सलनुमा बैग लिया हुआ था , जिसके ऊपर राष्ट्रीय चिह्न है। सीतारमण से पहले , पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी केंद्रीय बजट पेश करने वाली अब तक की और एकमात्र महिला थीं। 1970 में गांधी ने वित्त वर्ष 1970-71 का बजट पेश किया था। बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मोदी सरकार का फोकस बिंदू गांव, गरीब और किसान है। चलिए जानते हैं मोदी सरकार के बजट में गांव, गरीब, किसान और छोटे व्यापारियों के लिये क्या है…

निर्मला सीतारमण के बजट भाषण की अहम बातें…

10 हजार नये कृषि उत्पादक संगठन बनाने की उम्मीद

गांवों को बाजार से जोड़ने वाली सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए पीएम ग्राम सड़क योजना का तीसरा फेज शुरू होगा।
अन्नदाता को ऊजार्दाता बनाने के लिए कई योजनाएं चलायेंगे
कृषि से संबधित ग्रामीण उद्योग में 75 हजार नये उद्यमी तैयार करने की योजना
इलेक्ट्रोनिक जरुरतों को पूरा करने के कोष के लिए एक स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना की जाएगी
97 प्रतिशत गाँवों को बारह-मासी सड़क से जोड़ा गया, शेष गांवों को इसी साल जोड़ने का लक्ष्य
महात्मा गांधी की 15० वीं जयंती पर अंत्योदय हमारा लक्ष्य
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 1.5 करोड़ मकान बने, 2019-20 से 2021-22 के बीच 1.95 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य
2022 तक हर ग्रामीण को गैस और बिजली का कनैक्शन
बुनियादी ढ़ांचे को प्रोत्साहन देने के लिए क्रेडिट गारंटी एन्हांसमेंट कापोर्रेशन की स्थापना की जाएगी
देश में हर साल ग्लोबल इंवेस्टमेंट मीट आयोजित करने का प्रस्ताव
जीएसटी पंजीकृत अति लघु , लघु और मध्यम उद्यमों को ब्याज में दो प्रतिशत की छूट के लिए 35० करोड़ रूपये का आवंटन
मकान किराये पर देने – लेने से संबंधित कानूनों में सुधार होगा: सीतारमण
मीडिया, विमानन और बीमा क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाने का प्रस्ताव
स्वस्थ समाज की परिकल्पना के तहत आयुष्मान भारत, सुपोषित महिलाएं और बच्चे और नागरिकों की सुरक्षा को अहम स्थान दिया गया: सीतारमण
समाज सेवी संस्थान सेबी में पंजीकरण कराकर इक्विटी, डेट और म्युचुअल फंड के जरिये पैसे जुटा सकेंगे, इनके लिए बनेगा सोशाल स्टॉक एक्सचेंज
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वर्ष 2018 से 203०0 के दौरान 50 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की जरूरत: सीतारमण
गैस और जल का राष्ट्रीय ग्रिड तैयार करेंगे: सीतारमण
एक करोड़ रुपए तक का ऋण छोटे उद्योगों को दिया जा रहा है