कानून बनने के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 6900 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति जब्त की

आयकर विभाग ने कहा है कि उसने बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम के तहत अब तक 6,900 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं. एजेंसी ने मंगलवार को इस बारे में प्रमुख अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित किया है. इसमें कहा गया है कि जो लोग बेनामी सौदे करते हैं, बेनामीदार (जिसके नाम पर बेनामी संपत्ति है) तथा लाभार्थी (जो इसके लिए पैसा देते हैं) पर अभियोजन चलाया जा सकता है और उन्हें सात साल तक की सजा हो सकती है. इसके अलावा उन्हें बेनामी संपत्ति के उचित बाजार मूल्य पर 25 प्रतिशत तक जुर्माना भी देना पड़ सकता है.

विज्ञापन में कहा गया है कि आयकर विभाग पहले ही 6,900 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्तियां कुर्क कर चुका है. इसके अलावा इसमें कहा गया है कि जो लोग बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम के तहत अधिकारियों को गलत सूचना देते हैं, उन्हें पांच साल की सजा तथा बेनामी संपत्ति के उचित बाजार मूल्य का दस प्रतिशत तक जुर्माना अदा करना पड़ सकता है. आयकर विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस बुराई को समाप्त करने में सरकार का सहयोग करें. नए कानून के तहत कार्रवाई आयकर कानून, 1961 के अतिरिक्त होगी.

इससे पहले टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा था कि ऐसे लोगों की पहचान की गई है जो बड़े ट्रांजैक्शन करते हैं, टैक्स देने वाली इनकम है, लेकिन वे इनकम टैक्स नहीं भरते हैं. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेशन (CBDT) की मॉनिटरिंग सिस्टम ने ऐसे लोगों की पहचान की है. ऐसे लोगों को विभाग ने नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वे 21 दिनों के भीतर रिटर्न फाइल कर दें या फिर टैक्स असेसमेंट के बारे में ऑनलाइन जानकारी दे दें. जानकारी मिलने के बाद ऐसे मामलों की जांच की जाएगी. जो लोग इसकी जानकारी नहीं देते हैं, वे अगर पकड़े जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.