कंगाल हो चुके है पाकिस्तान, अमेरिका ने कहा- अब और कर्ज नहीं

अमेरिका के एक प्रमुख सांसद ने कहा है कि नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को चीन का कर्ज चुकाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ)से ऋण “सुविधाजनक तरीका” नहीं है. सांसद ने कहा कि चीन ने कई देशों को कर्ज के जाल में उलझाया हुआ है. पाकिस्तान गंभीर भुगतान संतुलन संकट से निपटने के लिये आईएमएफ से आठ अरब डॉलर का कर्ज चाहता है. कर्ज के बोझ की वजह से देश की अर्थव्यवस्था संकट की स्थिति में आ गई है.

डेमोक्रेट सांसद ब्रैड शेरमन ने कहा कि अमेरिका को आईएमएफ में वीटो अधिकार है. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को मदद में जो कटौती की है उसके तत्काल बहाल होने की उम्मीद नहीं है. शेरमन ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताह पाकिस्तान को आईएमएफ के कर्ज का मुद्दा ट्रंप प्रशासन के साथ उठाया था.

अक्टूबर महीने में देश के अंदर बढ़ते भुगतान संतुलन संकट से निपटने की खातिर पाकिस्तान ने ‘बेलआउट पैकेज’ के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का रूख किया था. आईएमएफ से संपर्क करने का निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लिया है. हालांकि, खान ने देश की अर्थव्यवस्था को सहायता पहुंचाने के लिए इस तरह के कदमों का अतीत में विरोध किया था.

मालूम हो कि इसी साल 31 मई को आई रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार खाली हो रहा है. एक आंकड़े के मुताबिक, पाकिस्तान के पास अब सिर्फ 10.3 अरब डॉलर यानी 69,504 करोड़ रुपए का ही विदेशी मुद्रा भंडार है. पिछले साल मई में यह 16.4 अरब डॉलर यानी 1,10,667 करोड़ रुपए था.

सिर्फ 10 हफ्ते तक का भंडार
फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, पाकिस्तान के पास जितनी विदेशी मुद्रा है, वो ज्यादा से ज्यादा 10 हफ्तों तक के आयात के बराबर है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशों में नौकरी कर रहे पाकिस्तानी देश में जो पैसे भेजते थे उसमें भी गिरावट आई है. इसके साथ ही पाकिस्तान का आयात बढ़ा है. चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर में लगी कंपनियों को भारी भुगतान के कारण भी विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो रहा है.

वर्ल्ड बैंक ने जारी की थी चेतावनी
विश्व बैंक ने अक्टूबर 2017 में पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि उसे कर्ज भुगतान और चूला खाता घाटे को पाटने के लिए इस साल 17 अरब डॉलर की जरूरत पड़ेगी. हालांकि, पाकिस्तान ने इस पर तर्क दिया था कि विदेशों में बसे अमीर पाकिस्तानियों को अगर अच्छे लाभ का लालच दिया जाए तो वो अपने देश की मदद कर सकते हैं. पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के एक अधिकारी ने कहा था कि अगर प्रवासी पाकिस्तानी ऑफर दिया जाएगा तो देश में पैसा जरूर आएगा.