RBI ने रेपो रेट में की 0.25% की कटौती, सस्‍ती होगी आपकी EMI

नए फाइनेंशियल ईयर में भारतीय रिजर्व बैंक की पहली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में आम लोगों को बड़ी राहत मिली है. दरअसल, केंद्रीय बैंक की ओर से रेपो रेट में 25 बेसिस प्‍वाइंट की कटौती की गई है. इसी के साथ अब रेपो रेट 6.25% से घटकर 6% हो गया है. रिजर्व बैंक ने साथ ही 2019-20 के लिए जीडीपी अनुमान को 0.2 फीसदी घटा दिया है.

केंद्रीय बैंक ने फरवरी में 18 महीने के अंतराल के बाद रेपो दर में 0.25 बेसिस प्‍वाइंट की कटौती की थी. लगातार दूसरी बार ब्याज दर में कटौती से इस चुनावी सीजन में कर्ज लेने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है.आरबीआई का रेपो रेट अब तक 6.25 फीसदी था. वहीं बतौर गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में आरबीआई की यह दूसरी बैठक थी. शक्तिकांत दास ने बीते साल दिसंबर में पदभार संभाला था.

दरअसल, आरबीआई खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए ब्याज दरों पर फैसला करता है. कई महीनों की गिरावट के बाद फरवरी में खुदरा महंगाई दर में मामूली बढ़त देखने को मिली और यह 2.57 फीसदी पर पहुंच गई. खुदरा महंगाई दर का यह चार माह का उच्चस्तर है. हालांकि सालाना आधार पर महंगाई दर अब भी कम है. यही वजह है कि आरबीआई पर ब्‍याज दरों में कटौती का दबाव था. बता दें कि जुलाई 2018 से लेकर जनवरी 2019 के बीच लगातार महंगाई में गिरावट आई है.

कैसे मिलेगा आपको फायदा

रेपो रेट कम होने से बैंकों को आरबीआई से सस्ती फंडिंग प्राप्त हो सकेगी, इसलिए बैंक भी अब कम ब्याज दर पर होम लोन, कार लोन सहित अन्य लोन ऑफर कर पाएंगे. इसका फायदा उन लोगों को भी मिलेगा जिनकी होम लोन या ऑटो लोन चल रही है. दरअसल, रेपो रेट कटौती के बाद बैंकों पर होम या ऑटो लोन पर ब्‍याज दर कम करने का दबाव बनेगा. बता दें कि आरबीआई के नए नियमों के बाद बैंकों को रेपो रेट कटौती का फायदा आम लोगों को देना ही होगा. ऐसे में अगर आपका होम या ऑटो लोन चल रहा है तो उसकी ईएमआई कम हो जाएगी.

जीडीपी अनुमान को घटाया

2019-20 के लिए रिजर्व बैंक ने जीडीपी अनुमान को 0.2 फीसदी घटा दिया है. रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की बैठक में जीडीपी अनुमान को 7.2 फीसदी रखा गया है. इससे पहले केंद्रीय बैंक ने जीडीपी अनुमान 7.4 फीसदी रखा था.रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा- 2019-20 के लिए जीडीपी अनुमान को 7.2 फीसदी रखा गया है. वहीं पहली छमाही में जीडीपी अनुमान 6.8 से 7.1 फीसदी है जबकि दूसरी छमाही में आंकड़ा 7.3 फीसदी से 7.4 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की इस बैठक के नतीजों पर निवेशकों की भी नजर थी. यही वजह है शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. सप्‍ताह के चौथे कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स 58.63 अंक उछाल के साथ 38,907.75 पर खुला जबकि निफ्टी ने 16.25 अंकों की तेजी के साथ 11,660.20 पर की कारोबार शुरुआत की. कुछ देर बाद ही बाजार में गिरावट दर्ज की गई. हालांकि आरबीआई के फैसलों के ऐलान के बाद बाजार में शेयर बाजार में रौनक देखने को मिली. करीब 12.30 बजे सेंसेक्‍स करीब 40 अंक मजबूत होकर 39,015 के स्‍तर पर पहुंच गया.