2020 तक नहीं मिलने वाली है राहत, आउटगोइंग कॉलिंग के लिए देने होंगे 6 पैसे प्रति मिनट

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने देश के मोबाइल ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। ट्राई ने अपने एक आदेश में कहा है कि किसी आपरेटर के नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर की जाने वाली मोबाइल कॉल पर छह पैसे प्रति मिनट के शुल्क अगले एक साल तक जारी रहेगा यानी अब यह शुल्क 31 दिसंबर, 2020 तक देना होगा। ट्राई ने मंगलवार को अपने एक बयान में कहा, ‘वायरलेस से वायरलेस घरेलू कॉल्स पर छह पैसे प्रति मिनट का टर्मिनेशन शुल्क 31 दिसंबर, 2020 तक जारी रहेगा।’ पहले यह शुल्क 14 पैसे प्रति मिनट था जिसे एक अक्टूबर, 2017 को घटाकर छह पैसे प्रति मिनट किया गया था, वहीं कहा गया था कि एक जनवरी, 2020 से पहले इस शुल्क को खत्म कर दिया जाएगा लेकिन अब ट्राई ने इसे एक साल के लिए बढ़ा दिया है। ऐसे में वायरलेस से वायरलेस घरेलू कॉल्स पर छह पैसे प्रति मिनट का शुल्क एक जनवरी, 2021 से समाप्त होने की उम्मीद की जा रही है।

वहीं ट्राई के इस फैसले का सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने स्वागत किया है। सीओएआई महानिदेशक राजन एस. मैथ्यू ने कहा है कि ट्राई का यह कदम सही दिशा में है और यह स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि COAI हमेशा दूरसंचार क्षेत्र में गंभीर वित्तीय तनाव को दूर करने के लिए सरकार और नियामक से समर्थन जारी रखने के लिए तत्पर है।

जियो को बड़ा झटका
ट्राई के इस फैसले से जियो को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि आईयूसी शुल्क के एलान के दौरान जियो ने कहा था कि यह शुल्क कुछ ही महीनों के लिए है, उसके बाद ग्राहकों को राहत मिलेगी, लेकिन अब जियो 31 दिसंबर 2020 तक आईयूसी शुल्क खत्म नहीं कर पाएगा। ऐसे में अब जियो के ग्राहकों को अगले एक साल तक आईयूसी शुल्क देना होगा, जबकि जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के ग्राहक अनलिमिटेड कॉलिंग कर सकेंगे।