YEAR ENDER 2018: फ्री Wi-Fi से लेकर टच फ्री टॉयलेट तक, 2018 में रेलवे के 8 बड़े तोहफे

इंडियन रेलवे के लिए साल 2018 बहुत महत्वपूर्ण और सफल रहा. इस साल यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं दी गईं. इसके अलावा रेलवे का अच्छा खासा विस्तार हुआ. टेक्नोलॉजी के लिहाज इसी साल Train-18 की भी सौगात मिली है जो सेमी हाईस्पीड ट्रेन है. यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. कुल मिलाकर यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बहुत कुछ बेहतर किया है. न सिर्फ यात्रियों के लिए बल्कि, स्टेशन के भी अच्छे दिन आए हैं.

इन तमाम बदलावों में ये बड़े बदलाव हैं जो 2018 में हुए हैं

1. सबसे बड़ा बदलाव ट्रेन में बायो टॉयलेट लगवाना है. पीएम नरेंद्र मोदी हमेशा स्वच्छता की बात करते हैं और स्वच्छ भारत उनकी महत्वाकांक्षी परियोजना है. बायो टॉयलेट लग जाने के बाद पहले के मुकाबले, ट्रेन ज्यादा साफ-सुथरे और हाईजीनिक हो गए हैं. इसे साफ रखना आसान है और इससे पटरियों पर गंदगी नहीं फैलती है. ट्रेनों में करीब 1 लाख बायो टॉयलेट लगवाए गए हैं. इसके अलावा बहुत सी ट्रेनों पर अलग-अलग पेंटिंग जैसे मधुबनी पेंटिंग की गई है जिससे ट्रेनों का सुन्दरीकरण भी हुआ है.

2. रेलवे ने न सिर्फ ट्रेनों में स्वच्छता और खूबसूरती पर ध्यान दिया है, बल्कि स्टेशन को भी खूबसूरत बनाया जा रहा है. पहले के मुकाबले अब स्टेशन ज्यादा साफ सुथरे और सुंदर दिखने लगे हैं. इसके लिए स्टेशन की दीवारों पर पेंटिंग बनाई जा रही है. इसका पूरा श्रेय स्वच्छ भारत अभियान को जाता है. अब तक देश के करीब 65 रेलवे स्टेशन का मेकओवर किया जा चुका है.

3. सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को टिकट कटाने में होती है. रिजर्वेशन टिकट ऑनलाइन भी कट जाती है, लेकिन जनरल टिकट लेने के लिए लाइन में लगना जरूरी है. ऐसे में UTS ऐप के जरिए जनरल टिकट आसानी से काटा जा सकता है. अब यात्रियों को स्टेशन पर लाइन में लगने की जरूरत नहीं है.

4. अब ज्यादातर स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा है. यात्रियों को वाई-फाई की सुविधा मुफ्त में दी गई है. इससे यात्री रनिंग स्टेटस समेत दूसरी अन्य जानकारी आसानी से हासिल कर सकते हैं.

5. 2017 में रेलवे ने ई-केटरिंग सेवा की शुरुआत की थी. इस सेवा के तहत कोई भी यात्री PNR नंबर के जरिए किसी भी स्टेशन पर अपने लिए खाना मंगवा सकते हैं. यह सुविधा SMS के जरिए भी उपलब्ध है.

6. अब टीटी को भी हाईटेक बनाया गया है. पहले उनके हाथ में पेपर होता था, जिसमें वे चार्ट देखते थे. अब पेपर की जगह टैबलेट दे दी गई है. इससे खाली सीटों का हिसाब रखने समेत दूसरा काम करने में आसानी होती है. यात्रियों और टीटी दोनों के लिए ही यह एक बेहतर और आसान तरीका है

7. इसी साल Train-18 को सफल परीक्षण किया गया है. यह सेमी हाईस्पीड ट्रेन है जो 180 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकती है. यह देश की पहली इंजनलेस ट्रेन भी है. 31 दिसंबर से पहले इस ट्रेन का उद्घाटन किया जाएगा. माना जा रहा है कि इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से दिल्ली के बीच चलाई जाएगी.

8. पिछले महीने रेलवे ने तेजस एक्सप्रेस का मेकओवर किया था. इसमें सारे कोच हाईटेक हैं जो पूरी तरह एयरकंडीशन है. इसके अलावा टच फ्री टॉयलेट, स्मार्ट विंडो, GPS बेस्ड पैसेंजर इंफॉर्मेशन समेत कई अन्य सुविधाएं हैं.