पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक, इन फैसलों पर लगी मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. कैबिनेट की बैठक में ईपीएफ, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना समेत प्रवासी श्रमिकों के लिए किराए पर आवासीय योजना जैसे महत्वपूर्ण फैसलों को अमलीजामा पहनाया गया.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और नरेन्द्र सिंह तोमर ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने गरीबों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट के समक्ष आए सभी मामलों को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोरोना की वजह से प्रभावित हुआ गरीब तबके को राहत दी जा सके.

इन फैसलों पर लगी मुहर

  1. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी मिली. प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इसके तहत पिछले तीन महीने में 81 करोड़ लोगों को मुफ्त 5 किलो अनाज और प्रति परिवार 3 किलो दाल दी गई. इस योजना को नवंबर तक के लिए बढ़ाया गया उसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इसके तहत प्रति व्यक्ति 25 किलो अनाज और 5 किलो चना प्रति परिवार दिया जाएगा. इस योजना में 1 लाख 49 हजार करोड़ का खर्च होगा. जो दुनिया मे अब तक कि सबसे बड़ी योजना है कि किसी देश मे 8 महीने तक इतने लोगों को अन्न दिया गया है.
  2. दूसरे निर्णय के तहत सितंबर के अंत तक उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त सिलेंडर देने का निर्णय लिया है. इस योजना के तहत तीन सिलेंडर मुफ्त दिए जाने थे. इसमें दो दिए जा चुके हैं. जबकि तीसरे सिलेंडर को लेने के लिए सितंबर तक की अवधि बढ़ा दी गई है.
  3. 15 हजार तक की तनख्वाह वाले श्रमिकों का पीएफ खुद सरकार भरेगी. इससे मजदूरों को 12.5 फीसदी की मदद होगी. इसे सितंबर माह तक के लिए बढ़ा दिया गया है. यानि सितंबर माह तक श्रमिकों का पीएफ खुद सरकार जमा करेगी. इससे श्रमिकों को 12.5 फीसदी का सीधा लाभ होगा. जबकि रोजगार प्रदाता को भी सीधा फायदा होगा.
  4. प्रवासी मजदूरों के लिए किराए पर आवासीय योजना पर भी मुहर लगी. इसके तहत देश के 107 शहरों में 1 लाख 8 हजार फ्लैट बनकर तैयार है. जबकि 1 लाख 35 हजार डोरमेट्री भी उप्लब्ध हैं जिन्हें शहर के कॉर्पोरेशन के जरिये प्रवासी श्रमिकों को किराए पर दिए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य है कि अधिक किराए से बचाने के लिए इस योजना के तहत श्रमिको को उपलब्ध कराया जाएगा.
  5. भारत की तीनों जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को उबारने के लिए 12 हजार 450 करोड़ के निवेश को मिली मंजूरी. इसके तहत यूनाइटेड इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और नेशनल इंश्योरेंस में सरकार निवेश करेगी ताकि इन कंपनियों की आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सके.