J&K: तालिबान से ट्रेनिंग लेकर तैयार की थी पुलवामा हमले में इस्तेमाल की गई कार

पुलवामा हमला पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद की एक बड़ी ही सोची समझी साजिश थी जिसका ताना-बाना हमले से दो साल पहले से ही बुना जा रहा था। इसके लिए बाकायदा आतंकियों को ट्रेनिंग लेने अफगानिस्तान भेजा गया। तालिबानी आतंकी कैंप में विस्फोट की ट्रेनिंग दी गई। आतंकी उमर फारूक भी इस ट्रेनिंग के बाद भारतीय सीमा में घुसा था। यह खुलासा भी एनआईए की जांच में हुआ है। 

जैश ए मोहम्मद अपने आतंकियों को अल कायदा तालिबान जैश ए मोहम्मद और हक्कानी जैश ए मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप में भेजता है। हमले का मुख्य आरोपी उमर फारूक 2016 और 2017 में इस कैंप में ट्रेनिंग लेकर आया था। अप्रैल 2018 में आतंकी उमर फारूक ने जम्मू सांबा सेक्टर से घुसपैठ की और पुलवामा पहुंच गया। यहां उसे पुलवामा के जैश ए मोहम्मद कमांडर की कमान दी। उमर ने अपने पाकिस्तानी साथी मो कामरान, मो इस्माइल, कारी यासिर और स्थानीय आतंकी आदिल डार और समीर डार के साथ पुलवामा हमले की साजिश रची।

 इन लोगों ने दी पनाह
शाकिर बशीर, इंशा जान, पीर तारिक और बिलाल अहमद ने आतंकियों को हर मदद दी। शाकिर ने अपने घर में इन आतंकियों को पनाह दी। मुदसिर अहमद खान के आतंकी ने शाकिर को गैलेटिन स्टिक दी। आरडीएक्स उमर फारूक ने दिया। शाकिर ने आरडीएक्स, अमोनियम पाउडर, कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट और आईईडी की अन्य सामग्री जमा की। जनवरी 2019 में सज्जाद अहमद भट्ट ने इको कार खरीदी। इसे शाकिर बशीर के घर रखा गया।

जनवरी में ही उमर फारूक, समीर डार और आदिल डार ने एक वीडियो बनाया। जिसे हमले के तुरंत बाद जारी करना था। फरवरी के पहले सप्ताह में ही मो. उमर फारूक, समीर अहमद डार, आदिल डार और शाकिर ने कार में आईईडी लगा दी। इसमें आरडीएक्स, कैल्शियम अमोनियम नाइटरेट, गैलेटिन स्टिक और अलमोनियम पाउडर शामिल किया। बारूद के दो बैग बनाए गए। इसमें एक 160 किलो और दूसरा 40 किलो का। 

पहले छह फरवरी को हमले की थी साजिश
6 फरवरी 2019 को कार सुबह तैयार कर दी। जिसमें 200 किलो बारूद रखा गया। उसी दिन सीआरपीएफ की कानवाय जानी थी, लेकिन बर्फबारी होने की वजह से काफिला नहीं जा सका। 14 फरवरी को जब हाइवे खुला तो शाकिर डार आदिल को लेकर निकल गया। शाकिर ने कार को हाइवे से 500 मीटर पीछे छोड़ दिया। आदिल कार लेकर काफिले के बीच जा घुसा।