सीबीआई ने जम्मू कश्मीर एडुकेशनल ट्रस्ट को जमीन आवंटन मामले में पूर्व उपायुक्त से ब्योरा मांगा

 सीबीआई ने एक पूर्व मंत्री के शैक्षणिक ट्रस्ट द्वारा भूमि कब्जा करने के आरोपों की जांच के मामले में कठुआ के पूर्व उपायुक्त से ब्योरा मांगा है। अधिकारियों ने मंगलवार को इस बारे में बताया । उन्होंने कहा कि भूमि सौदे में कथित अनियमितता के संबंध में अधिकारी को निजी तौर पर बुलाया गया और उन्होंने जांच एजेंसी के सवालों पर स्पष्टीकरण दिया।केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कठुआ के आर बी एडुकेशनल ट्रस्ट और अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी। आरोप है कि जंगल की जमीन की खरीद-बिक्री की अनुमति देने के लिए कठुआ के राजस्व और वन अधिकारियों ने नियमों की अवहेलना की। प्रारंभिक जांच के दौरान एजेंसी ने यह पता लगाने की कोशिश की है कि मामले में औपचारिक तौर पर प्राथमिक दर्ज कर जांच शुरू करने के लिए क्या प्रमाण हैं । उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री लाल सिंह द्वारा संचालित ट्रस्ट के तहत इस जमीन पर एक स्कूल, बीएड और नर्सिंग कॉलेज है। जमीन की खरीदारी में कथित अनियमितता को लेकर यह मामला अब जांच के घेरे में आ गया है । सीबीआई की पीई के मुताबिक आरोप है कि फर्जी कागजात के सहारे दावा किया गया कि जमीन जम्मू कश्मीर कृषि सुधार कानून के तहत छूट की श्रेणी में है । इस तरह शैक्षणिक ट्रस्ट के लिए जमीन की खरीदारी में इस जाली कागजात का इस्तेमाल हुआ । सीबीआई की आरंभिक जांच में आरोप लगाया कि ट्रस्ट के पास जम्मू कश्मीर कृषि सुधार कानून,1976 के तहत तय मात्रा से अधिक जमीन है । आरंभिक जांच के दौरान कोई तलाशी नहीं हो सकती या किसी को बिना उसकी सहमति के बयान दर्ज करने के लिए तलब नहीं किया जा सकता । लाल सिंह ने पिछले साल भाजपा छोड़ दी थी और डोगरा स्वाभिमान संगठन शुरू किया है। लाल सिंह और तत्कालीन उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा ने 2018 में पीडीपी-भाजपा सरकार से इस्तीफा दे दिया था। कठुआ में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों के समर्थन में हिंदू एकता मंच की रैली में शिरकत को लेकर सवाल उठने के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया था।