जम्मू-कश्मीर: सीजफायर की घटनाएं 60 फीसदी बढ़ीं, बड़ी साजिश की आशंका

पाकिस्तान की तरफ से सीमापार से साजिश बंद नहीं हो रही है। पाक की तरफ से लगातार सीजफायर किया जा रहा है। कभी एलओसी तो कभी अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की चौकियों को निशाने पर लिया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह की तरफ से खुद माना गया है कि सीजफायर की घटनाओं में 50 से 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन हमारे जवान अलर्ट हैं।

जानकारी के अनुसार, पाक की तरफ से आए दिन बॉर्डर पर फायरिंग की जा रही है। अभी तक के हिसाब से करीब 60 प्रतिशत फायरिंग में बढ़ोतरी हुई है। जिसमें पाक की तरफ से चौकियों के अलावा रिहायशी इलाकों को भी निशाने पर लिया गया है। वर्ष 2019 में 2018 के मुकाबले फायरिंग 70 प्रतिशत बढ़ी थी।
हर साल पाक की तरफ से घटनाओं को बढ़ाया जा रहा है। इसके पीछे कारण यह है कि कश्मीर में सक्रिय आतंकियों की गिनती हर साल कम होती जा रही है। जिससे पाक को काफी नुकसान हो रहा है। ऐसे में फायरिंग की आड़ में घुसपैठ के प्रयास करवाए जा रहे हैं। इसी साल अभी तक एक दर्जन से अधिक आतंकियों को सीमा पार ही मार गिराया गया है। जो फायरिंग की आड़ में घुसपैठ का प्रयास करने में लगे हुए थे।

सीमा पर अलर्ट सेना के जवान
सीजफायर की घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय और एलओसी पर भी जवानों को अलर्ट किया गया है। बॉर्डर पर जवानों की तैनाती को बढ़ाने के अलावा अधिक गश्त करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा अगर पाक की तरफ से फायरिंग की जाती तो उसका कड़ा जवाब दिया जाए।

आतंकियों को कश्मीर में धकेलने की साजिश
सेना के अधिकारियों का कहना है कि पाक की तरफ हरकत के पीछे इस तरफ आतंकियों को धकेलना है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही फायरिंग की घटनाओं में बढ़ोतरी होती है। इसके पीछे एक कारण यह भी है कि गर्मी में कश्मीर के कई इलाकों में बर्फ पिघलनी शुरू हो जाती है। ऐसे में आतंकियों को इस तरफ भेजने का यह सही मौका होता है।