कोरोना संकट के बीच भी अपनी करतूतों से बाज नहीं आया पाकिस्तान, इस साल अब तक 1200 बार किया सीज़फायर उल्लंघन

पूरी दुनिया कोरोना वायरस से लड़ रही है, वहीं पाकिस्तान अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहा. सेना मुख्यालय के आंकड़ों की मानें तो कोरोना वायरस के फैलने के दौरान भी पाकिस्तान एलओसी पर युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है. इस साल अब तक पाकिस्तान की तरफ से करीब 1200 बार सीजफायर का उल्लंघन हो चुका है, जो पिछले दो साल के मुकाबले करीब करीब दोगुना है‌.

एबीपी न्यूज को भारतीय सेना के मुख्यालय से मिले आंकड़ों की मानें तो इस साल अबतक (6 अप्रैल तक) कुल 1197 बार पाकिस्तानी सेना ने एलओसी के अलग अलग सेक्टर में फायरिंग की. जहां जनवरी के महीने में 367 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया, वहीं फरवरी में 366 बार और मार्च के महीने में ये आंकड़ा 400 को पार कर गया. अप्रैल के पहले हफ्ते में ही 53 बार पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर का उल्लंघन किया.

आपको बता दें कि मार्च के महीने से ही पूरी दुनिया की तरह भारत और पाकिस्तान दोनों ही पड़ोसी देश कोरोना वायरस नुमा अनदेखे दुश्मन से जूझ रहे हैं. भारत में जहां अब तक साढ़े पांच हजार से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं और 170 से ज्यादा लोगों की जान चुकी है. वहीं पाकिस्तान में अबतक करीब साढ़े चार हजार मामले सामने आ चुके हैं और 60 से ज्यादा मौतें इस महामारी से हो चुकी हैं. लेकिन इस दौरान ही पाकिस्तान सेना की तरफ से सीजफायर उल्लंघन के मामले सामने आ रहे हैं.

आंकड़ों की मानें तों पिछले तीन-चार महीने में पाकिस्तान ने इतनी बार सीजफायर का उल्लंघन किया है, जितना पिछले दो सालों के दौरान नहीं भी किया था. क्योंकि वर्ष 2018 के शुरूआती तीन महीनों में पाकिस्तान की तरफ से कुल 627 बार युद्धविराम का उल्लंघन हुआ था, जबकि वर्ष 2019 में ये आंकड़ा 685 था.

सूत्रों की मानें तो पाकि‌स्तान की तरफ से फायरिंग आतंकियों की घुसपैठ के चलते कराई जा रही है. फायरिंग की आड़ में पाकिस्तानी सेना आतंकियों को एलओसी पार कराकर कश्मीर घाटी भेजने की फिराक में है. आपको बता दें कि रविवार को ही एलओसी के केरन सेक्टर में एलओसी के करीब ही पांच आतंकियों से मुठभेड़ में भारतीय सेना के पांच पैरा-एसएफ कमांडो शहीद हुए थे. हालांकि, एनकाउंटर में पांचों आतंकी भी ढेर कर दिए गए थे.

जानकारी के मुताबिक, इस साल एलओसी पर भारी बर्फबारी हुई है. जिसके चलते एलओसी-फैंस यानी कटीली तार टूट गई हैं या बर्फ में धंस गई हैं. जिसके चलते आतंकी किसी भी कीमत पर एलओसी पार करने की जुगत में जुटे हैं.

सूत्रों की मानें तो इस दौरान पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों को इसलिए भी ज्यादा ‘पुश’ किया जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तानी सेना जानती है कि भारतीय सेना इन दिनों कोरोना वायरस से भी लड़ रही है. भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोगों के बीच कोरोना वायरस से लड़ने में जुटी है. साथ ही खुद भी कोरोना वायरस से अपना बचाव कर रही है.

आपको बता दें कि कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए ही घाटी में सक्रिय आतंकी छटपटा रहे हैं. लेकिन सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकियों के मंसूबे नाकाम करने में जुटी हैं. इस साल अबतक कश्मीर घाटी में 41 आतंकियों को ढेर किया जा चुका है.

सूत्रों का साफ कहना है कि भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने हाल ही में सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा था कि सैनिकों को कोरोना वायरस से अपना बचाव करना है तभी वे देशवासियों को कोरोना वायरस से, और देश को बाहरी खतरों से सुरक्षित रख सकते हैं, यानी देश के सैनिकों को ‘हर मैदान फतह’ करना है.