चंद्रयान-2 का काउंटडाउन शुरू: आज से 126 दिन बाद चांद पर दूसरा कदम रखेगा भारत

अंतरिक्ष एजेंसी ने घोषणा की है कि चंद्रयान-2 मिशन के तहत भारत का चांद पर दूसरा अभियान 9-16 जुलाई के बीच लॉन्च होगा। ये जानकारी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को एक बयान जारी कर दी है। जिसमें कहा गया है कि चंद्रयान-2 के मॉड्यूल को इन तारीखों के बीच ही लॉन्च करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

चंद्रयान-2 के चांद की सतह पर छह सितंबर को उतरने की संभावना है। चंद्रयान-2 में तीन मॉड्यूल हैं, जिनके नाम ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर हैं। चंद्रयान-1 और मंगलयान मिशन के बाद चंद्रयान-2 इसरो के लिए एक बहुत बड़ा मिशन है।

चंद्रयान-2 आर्बिटर और लैंडर को जीएसएलवी मार्क-3 धरती की कक्षा में स्थापित करेगा। जिसके बाद उसे चांद की कक्षा में पहुंचाया जाएगा। चांद की कक्षा में चंद्रयान-2 के पहुंचने के बाद लैंडर निकलकर चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। इसके बाद रोवर उससे निकलेगा और विभिन्न प्रयोगों को अंजाम देगा।

इससे पहले इसरो ने चंद्रयान-2 को 2017 में और फिर 2018 में लॉन्च करने की बात कही थी। लेकिन यह सफल नहीं हो पाया था। हाल ही में इसरो के चेयरमैन डॉ. के. सिवन ने कहा था कि इसरो अब इसे जल्द ही लॉन्च करने का हर संभव प्रयास करेगा।

बता दें भारत ने साल 2008 में चांद पर अपना पहला मिशन चंद्रयान-1 लॉन्च किया था। लेकिन ईंधन की कमी के कारण यह मिशन 29 अगस्त 2009 को ही खत्म हो गया था। उस वक्त इसरो ने इस मिशन की अवधि दो साल रहने का अंदाजा लगाया था। अभी तक चांद पर लॉफ्ट लैंडिंग कराने वाले देश अमेरिका, रूस और चीन ही हैं।