चीन ने भारतीय सैनिकों पर लगाया LAC पार करने का आरोप, बोला- तुरंत हटाएं सेना

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है. भारत में चीनी दूतावास ने मंगलवार (1 सितंबर) को कहा, “भारत ने चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता का घोर उल्लंघन किया है.” चीन ने भारतीय सैनिकों पर एलओसी को पार करने का आरोप लगाया है.

चीनी दूतावास ने एक बयान में कहा, ”भारतीय सैनिकों ने 31 अगस्त को अवैध रूप से पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी तट पर वास्तविक नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण किया है. उन्होंने कहा कि भारत के इस कदम से चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता का घोर उल्लंघन हुआ है. इससे दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों, प्रोटोकॉल्स और महत्वपूर्ण सहमतियों की गंभीर अवहेलना हुई है.

चीनी दूतावास की ओर से दिए गए बयान में भारतीय पक्ष से अपने सीमावर्ती सैनिकों को कड़ाई से नियंत्रित करने और “ईमानदारी से अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने का आग्रह किया गया है. साथ ही भारतीय सेना से सभी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की अपील भी की गई है.

चीन ने अपने बयान में कहा, भारत तुरंत अपने सैनिकों को अवैध रूप से एलएसी पर अतिक्रमण को रोके. चीन का कहना है कि इस जटिल स्थिति में भारतीय सेना को तुरंत अपने एक्‍शन पर रोक लगानी चाहिए. अपने इन बयानों से चीन भारत से शांति की अपील करता दिख रहा है. यानी चीन को अब भारतीय सेना का डर सताने लगा है.

बता दें कि एक बार फिर भारत और चीन के बीच जारी बातचीत के बीच एलएसी पर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. मई के बाद से तनाव कम करने को लेकर भारत के साथ चीन ने जितने भी वादे किए थे, वो सब भूलकर एक बार फिर चीनी सेना ने घुसपैठ की कोशिश की.

‘ब्‍लैक टॉप’ पर कब्‍जा करने की चीन की कोशिश को भारत ने किया ध्‍वस्‍त
हालांकि सच्‍चाई ये है कि चीन ने वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लद्दाख के पैंगोंग झील के इलाके में 29-30 अगस्‍त की रात को इस क्षेत्र की सबसे महत्‍वपूर्ण चोटी ब्‍लैक टॉप पर कब्‍जा करने की कोशिश थी लेकिन भारत ने उसके प्रयास को नाकाम कर दिया. दरअसल चीन का मकसद ‘ब्‍लैक टॉप’ पर कब्‍जा करके भारतीय सेना और पोस्‍ट की निगरानी करने का था. ब्‍लैक टॉप, पैंगोंग झील के दक्षिणी इलाके में स्थित है.

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना ने अपने क्षेत्र के भीतर चीनी प्रयास को नाकाम करते हुए कब्‍जा कर लिया और उनके कैमरे और सर्विलांस सिस्‍टम को भी वहां से हटा दिया. चीनी सेना ने इस तरह के उपकरण एलएसी पर लगा रखे थे और इसके माध्‍यम से भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी.