केंद्र-सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, 12वीं की बची परीक्षा रद्द करने पर फैसला बुधवार को

केंद्र सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि बाहरवीं कक्षा की बची हुई परीक्षा को रद्द करने का फैसला बुधवार को लिया जाएगा। एक से 15 जुलाई के बीच होने वाली इन परीक्षाओं को कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से टाला जा सकता है। इसपर फैसले के लिए बातचीत जारी है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचित किया कि सरकार और बोर्ड छात्रों की परेशानी से भली-भांति अवगत हैं और अधिकारी इस मुद्दे पर जल्द ही निर्णय लेंगे। मेहता ने पीठ से इस मुद्दे को एक दिन के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया और कहा कि वे अधिकारियों द्वारा लिए गए निर्णय के बारे में शीर्ष अदालत को अवगत कराएंगे।
न्यायमूर्ति खानविलकर के अलावा पीठ में न्यायमूर्ति दिनेश महेश्वरी और संजीव खन्ना भी शामिल थे। पीठ ने मेहता की बात सुनने के बाद मामले को 25 जून तक के लिए स्थगित कर दिया। शीर्ष अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे परीक्षा देने वाले छात्रों के कुछ माता-पिता द्वारा दायर किया गया है। इसमें उन्होंने मांग की थी कि शेष विषयों के अंक पहले आयोजित परीक्षा के आधार पर और आंतरिक मूल्यांकन के अंकों के साथ औसत आधार पर गणना करके परिणाम घोषित किए जाएं।