Corona Vaccine: देश में कोरोना वैक्सीन को लेकर क्या कुछ हो रहा है, कौनसी कंपनियां दवा बनाने में जुटी हैं- जानें

कोरोना वायरस महामारी ने मार्च में दस्तक दी और अब पूरे भारत में फैल गया चुका है. देश में अबतक कोरोना वायरस से अब तक 1155191 संक्रमित हो गए हैं और एक्टिव संक्रमण के मामले 402529 है जबकि 724577 लोगों ने कोरोना वायरस को मात दे दी है. वहीं 28084 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हो गई. इस बीच सरकार ने कोविड-19 को रोकने और इससे बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए और नए नियम बनाए.

ऐसे में सब लोग इसकी वैक्सीन आने का इंतजार कर रहे हैं. सरकार के साथ-साथ प्राइवेट कंपनियां भी इसकी वैक्सीन को बनाने में जुटी हुई हैं. इस दौरान कई देश में कई कंपनियों ने कोरोना वायरस को खत्म करने की वैक्सीन ढूंढ़ निकालने का दावा किया. इन कंपनियों में भारत बायोटेक, सीरम इंस्टिट्यूट, जायडस कैडिला, पैनेशिया बायोटेक, इंडियन इम्यूनोलॉजिकस, मायनवैक्स और बायोलॉजिकल फार्मा कंपनी और संस्थान शामिल हैं. ये सभी कंपनियां दावा कर रही हैं कि वह बहुत जल्द कोरोना वैक्सीन तैयार कर लेंगी.

इनके अलावा, हाल ही में पतंजलि आर्युवेद के मालिक और योग गुरू बाबा रामदेव ने दावा किया था कि पतंजलि ने कोरोना वायरस ईलाज आयुर्वेद के जरिए ढूंढ़ निकाला है. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बाद रामदेव ने अपने दावे को वापिस ले लिया. इन सब के बीच अच्छी खबर यह है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित फार्मा कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन विकसित करने में साथ दे रहा है. सीरम दुनिया में दवा में बनानेवाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है.

साल के अंत तक वैक्सीन

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने का कहना है कि एक हफ्ते के भीतर इसका क्लीनिकल ट्रायल शुरू करने का लाइसेंस लेने के लिए भारतीय दवा नियामक के पास आवेदन करेगी. कपनी पहले ही दावा कर चुकी हैं कि जितनी भी वैक्सीन बनेगी उसका 50 प्रतिशत भारत में और बाकी 50 प्रतिशत अन्य देशों के लिए होगा. हालांकि पूनावाला ने कहा है कि ये वैक्सीन इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगी.

इस कंपनी को मिली दूसरे चरण के परीक्षण की मंजूरी

हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने पिछले सप्ताह रोहतक के परास्नातक चिकित्सा विज्ञान संस्थान में अपने टीके कोवैक्सीन का मानव परीक्षण शुरू कर दिया है. भारतीय औषधि नियामक से कंपनी को सार्स-कोव-2 वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण क्लिनिकल परीक्षण की मंजूरी मिली है. कंपनी ने यह टीका भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थन (एनआईवी) के साथ सहयोग से विकसित किया है.

पैनेशिया बायोटेक अमेरिकी कंपनी के साथ शोध

पैनेशिया बायोटेक ने जून में कहा था कि वह कोविड-19 का टीका विकसित करने के लिए अमेरिका की रेफैना के साथ मिलकर आयरलैंड में संयुक्त उद्यम लगा रही है. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की अनुषंगी इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स ने कोरोना वायरस का टीका विकसित करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के साथ करार किया है. इसके अलावा मायनवैक्स और बायोलॉजिकल ई भी कोविड-19 का टीका तैयार करने के लिए काम कर रही हैं.

ये बोले एम्स के डायेरक्टर

एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर गुलेरिया ने सोमवार को प्रेस कांन्फ्रेंस में कहा, ”कुछ इलाकों में कोविड-19 का पीक आ चुका है. दिल्ली में ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि केस काफी घट गए हैं. कुछ राज्यों में केस अभी भी बढ़ रहे हैं उनमें पीक कुछ बाद में आएगा.” उन्होंने आगे कहा कि भारत सहित दक्षिण पूर्व एशिया में मृत्यु दर यूरोपीय देशों इटली, स्पेन और अमेरिका के मुकाबले काफी कम है.