जम्मू: कोरोना के संकट से निपटने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज को किया गया समर्पित, ओपीडी बंद

 जम्मू संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी बंद होने के बाद अब इसी अस्पताल में रेस्पिरेटरी स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है. यहां सांस में तकलीफ और कोरोना वायरस के लक्षणों वाले रोगियों की जांच की जा रही है.

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जम्मू के सब से बड़े अस्पताल राजकीय मेडिकल कॉलेज को कोरोना वायरस का समर्पित अस्पताल घोषित किया गया. इसके साथ ही इस अस्पताल की ओपीडी भी बंद कर दी गयी है. प्रशासन ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इस अस्पताल की ओपीडी बंद कर दी. इसके बाद
अस्पताल प्रशासन ने इसी अस्पताल परिसर में ही रेस्पिरेटरी स्क्रीनिंग ओपीडी स्थापित की है. इस ओपीडी के उन मरीजों की जांच की जा रही है जिन्हें सांस संबंधित तकलीफ है.

यहां तैनात डॉक्टरों की माने तो इस ओपीडी में रोजाना करीब 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं. जिन्हें खांसी, बुखार, सांस फूलना और गले मे दर्द जैसी तकलीफ है और उनकी इस ओपीडी में स्क्रीनिंग की जा रही है. इन डॉक्टरों का दावा है कि कुछ मरीजों को सामान्य इन्फेक्शन के चलते दवाई देकर घर भेजा जा रहा है. जबकि अगर किसी मे कोरोना संक्रमण जैसे लक्षण पाए जाते है तो फिर उन्हें आगे की जांच के लिए संबंधित डॉक्टरों के पास रेफेर किया जाता है.

राजकीय मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट डॉक्टर दारा सिंह ने बताया कि रेस्पिरेटरी ओपीडी बनाने का मकसद उन लोगों तक उपचार पहुंचना था जिन्हें सांस से जुड़ी कोई भी तकलीफ हो. उनके मुताबिक इस समय कोरोना वायरस फैला है और इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों की जांच भी इस ओपीडी में की जा रही है. उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओपीडी बंद होने की बाद आम लोगों को किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए अब ऐसे ओपीडी हर जिला अस्पताल में खोले जाएंगे.