Coronavirus: न्यूयॉर्क Zoo में बाघ के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद चिड़ियाघरों को सावधानी बरतने के निर्देश

न्यूयॉर्क के चिड़ियाघर में एक बाघ को कोविड-19 के संक्रमण पाए जाने के बाद केंद्रीय पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्रालय अलर्ट हो गया है. मंत्रालय ने न्यूयार्क की घटना को ध्यान में रखते हुए देशभर के चिड़ियाघरों को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है कि कोविड-19 को लेकर सतर्कता बरती जाए. साथ ही चिड़ियाघर में मौजूद जानवरों में भी ऐसे लक्षण पाए जाते हैं तो तुरंत उसकी जांच की जाए.

गौरतलब है कि न्यूयॉर्क के एक चिड़ियाघर में एक टाइगर को कोरोनावायरस संक्रमण से पीड़ित पाया गया. जिसके बाद से पूरी दुनिया में एक बहस छिड़ गई है कि कोरोना वायरस क्या जानवरों को भी हो सकता है. फिलहाल यूएस सरकार इस पूरे मामले की जांच में जुटी है कि क्या किसी व्यक्ति की वजह से उस टाइगर को उस टाइगर को कोरोना हुआ है या उस टाइगर की वजह से व्यक्तियों में कोरोना के लक्षण मिल रहे है.

पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्रालय ने कहा- कोविड-19 को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत 

न्यूयार्क की घटना के बाद भारत सरकार का वन्य जीव एवं पर्यावरण मंत्रालय भी सकते में है. कहीं देश के चिड़िया घरों में मौजूद टाइगर अन्य जानवरों में भी कोविड-19 के ऐसे लक्षण ना मिले अथवा ऐसी कोई घटना भारत में ना हो. इसको ध्यान में रखते हुए पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्रालय ने देशभर के सभी चिड़ियाघरों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कोविड-19 को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है. साथ ही सभी महत्वपूर्ण जानवरों के तत्काल चिकित्सीय परीक्षण कराए जाएं. ताकि न्यूयॉर्क जैसी घटना भारत में देखने को ना मिले.

पहली बार जानवर में कोरोना संक्रमण का मामला
राष्ट्रीय पशु चिकित्सा सेवा के मुताबिक जानवर में कोरोना वायरस संक्रमण का ये पहला मामला है. 4 वर्षीय महिला बाघ में संक्रमण चिड़ियाघर के एक कर्मी से हुआ. कर्मी यहां जानवरों की देखभाल में लगा था. जिससे बाघ में कोरोना संक्रमण फैला. फिलहाल न्यूयॉर्क का ब्रोन्क्स चिड़ियाघर 16 मार्च से लोगों के लिए बंद है. ब्रोन्क्स चिड़ियाघर ने प्रेस रिलीज के जरिए इस बात की जानकारी दी है.

बताया गया है कि चिड़ियाघर के पांच अन्य बाघ और शेर में भी कोरोना वायरस के लक्षण सामने आए हैं. उनको सूखी खांसी होने के बाद इलाज किया जा रहा है. चिड़ियाघर के अन्य जानवरों को संक्रमित होने से बचाने के लिए हाई अलर्ट बरता जा रहा है. फिलहाल किसी अन्य जानवर में इसका लक्षण दिखाई नहीं दिया है और सभी जानवरों की देखभाल में विशेष सावधानी बरती जा रही है.