जम्मू कश्मीर: कोरोना के खिलाफ लड़ाई में शामिल होंगे कॉलेज कर्मचारी, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

जम्मू कश्मीर में प्रशासन ने अब कॉलेज कर्मचारियों को भी कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में आगे आने का आदेश दिया है. प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर सभी कॉलेज प्रिंसिपल को ऐसे लोगों की लिस्ट देने को कहा है जो जिला स्तर पर प्रशासन की संक्रमण विरोधी ऑपरेशन जिनमें क्वारंटीन और मरीज़ की आइसोलेशन शामिल है उसमें मदद करेंगे.

प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव तलत परवेज़ ने प्रदेश भर के कॉलेज के प्रिंसिपल को पत्र लिख कर पांच से 15 लोगों के ग्रुप को बनाने का आदेश दिया. इनमें शिक्षक और नॉन टीचिंग कर्मचारियों के साथ साथ अस्थाई कर्मचारी भी शामिल होंगे. आदेश अनुसार इस ग्रुप में एक सदस्य “टीम लीडर” के तौर पर काम करेगा और बाकि लोग उसके अधीन काम करेंगे और हर कॉलेज में ऐसे कई ग्रुप बना कर जिला स्तर पर प्रशासन को मदद करेंगे.

इन ग्रुप के सदस्यों को COVID19 से निपटने, संदिग्ध मरीजों के आइसोलेशन और मरीजों व लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी जिसके बाद यह सदस्य आम लोगों के बीच जाएंगे.

इसके अलावा इस ग्रुप के जिम्मे अपने कार्य श्रेत्र में ऐसे लोगों की पहचान कर ट्रैक करने का भी ज़िम्मा होगा जिन पर संक्रिमित होने का शक हो. लेकिन कॉलेज कर्मचारी सरकारी आदेश के विरोध में खड़े हुए हैं. कॉलेज शिक्षक और कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बिना किसी तैयारी के इन लोगों को कोरोना के बीच जाना खुदकुशी होगी.

लेकिन सरकार की कार्रवाई के डर से कोई भी कर्मचारी खुल कर इसका विरोध नहीं कर रहा है. जम्मू कश्मीर में प्रशासन ने पहले ही आदेश जारी कर सभी कर्मचारियों को कोरोना मामले में किसी भी सरकारी पॉलिसी का विरोध करने पर कड़ी करवाई का आदेश जारी कर रखा है. अभी तक कम से कम चार सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने पर निलंबित किया जा चुका है.

डाक्टरों और शिक्षको को सीदे आदेश जारी कर सरकारी आदेश का विरोध करने पर निलंबित करने का प्रावधान है और एपिडेमिक एक्ट के तेहत दो साल तक की जेल का भी प्रावधान है.