जम्मू-कश्मीर में कोरोना से बदली 1872 में शुरू हुई दरबार मूव की परंपरा, उमर अब्दुल्ला हुए आगबबूला

कोरोना वायरस के कारण जम्मू-कश्मीर में 150 वर्ष पुरानी दरबार मूव की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। फिलहाल शीतकालीन राजधानी जम्मू में दरबार बंद नहीं होगा। नए आदेश के अनुसार, चार मई से 15 जून तक सचिवालय और दरबार मूव कार्यालयों के कर्मचारी श्रीनगर व जम्मू दोनों जगह काम करेंगे।
कश्मीर के कर्मचारी श्रीनगर व जम्मू के कर्मचारी जम्मू में कामकाज करेंगे। सरकार की ओर से शुक्रवार को यह आदेश जारी किया गया। ज्ञात हो कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में जम्मू में दरबार बंद हो जाता है और मई के पहले सप्ताह में श्रीनगर में दरबार सजता है।

सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव फारूक अहमद लोन की तरफ से शुक्रवार को जारी किए गए आदेश के अनुसार चार मई को ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में औपचारिक तौर पर दरबार मूव के कार्यालय खुल जाएंगे।

लेकिन वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए कश्मीर आधारित स्टाफ श्रीनगर से काम करेगा और जम्मू आधारित स्टाफ जम्मू से ही अपना कार्य करता रहेगा। नागरिक सचिवालय व सचिवालय के बाहर के दरबार मूव कार्यालयों दोनो में ऐसी व्यवस्था लागू होगी।