1 सितंबर से चल सकती है दिल्ली मेट्रो, यात्रियों को इन बातों का रखना होगा ध्यान

कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले 5 महीने से बंद दिल्ली मेट्रो अनलॉक- 4 में 1 सितंबर से चालू हो सकती है. दिल्ली सरकार के निर्देश के बाद DMRC ने संचालन के लिए तैयारी पूरी कर ली है. यदि 1 सितंबर से मेट्रो ट्रेन खुली भी तो लोगों का सफर अब पहले जैसा नहीं रहेगा. कोरोना संक्रमण से बचने के लिए उन्हें DMRC की ओर से तैयार की गई नियमावली का कड़ाई से पालन करना होगा.

सोशल डिस्टन्सिंग पर मेन फ़ोकस
अनक-4 में मेट्रो के सिर्फ़ 38 फ़ीसदी गेटों से ही यात्रियों की एंट्री- एग्ज़िट होगी. राजीव चौक, कश्मीरी गेट, केंद्रीय सचिवालय, हौज खास जैसे बड़े स्टेशनों पर प्रवेश- निकास के लिए केवल 2 गेट खुलेंगे. इससे लोगों पर निगरानी रखने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने में आसानी होगी.दिल्ली मेट्रो के तमाम स्टेशनों पर 671 गेट हैं. जिनमें से केवल 257 ही खोले जाएंगे.

मेट्रो में 20 फ़ीसदी यात्री ही सफ़र कर पाएंगे
मेट्रो में सोशल डिस्टन्सिंग का सख़्ती से पालन करने के किए सीट और स्टेशन पर स्टिकर लगाए जा रहे हैं. मेट्रो के एक कोच में क़रीब 50 यात्री होंगे. वही एक बार में पूरी मेट्रो ट्रेन में केवल 300-400 यात्री ही सफ़र कर सकेंगे. जबकि इससे पहले 6 कोच की ट्रेन में औसतन 1500 यात्री सफ़र करते थे. मेट्रो स्टेशनों की लिफ़्ट में एक वक्त में केवल 3 यात्रियों को आने- जाने की अनुमति होगी. मेट्रो स्टेशन पर लगी एलईडी स्क्रीन के जरिए लोगों को सामाजिक दूरी और मास्क पहनने के लिए जागरूक किया जाएगा.

Customer Facilitation Agents करेंगे जागरूक
पैसेंजर्स के आवागमन को रेगुलेट करने के लिए AFC गेट के पास और प्लेटफॉर्मों पर Customer Facilitation Agents तैनात किए जाएंगे. जो लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में बताएंगे. आम दिनो की तुलना में ट्रेन स्टेशन पर ज़्यादा देर तक रूकेगी. वहीं ज़्यादा भीड़ वाले इंटर्चेंज स्टेशन पर ट्रेन 45 से 50 सेकंड तक रोकी जाएगा. इससे पहले ट्रेन 15 से 20 सेकंड रूकती थी. इसका असर यह होगा कि यात्रियों की यात्रा का समय बढ़ेगा.

CCTV, वॉलिंटियर्स करेंगे निगरानी
मेट्रो स्‍टेशन में एंट्री -एग्ज़िट के लिए अलग अलग गेट तय किए गए है. स्टेशन में एंट्री करने से पहले सभी पैसेंजर का thermol scanner से टेम्प्रेचर चेक किया जाएगा. यात्रियों को मास्क और ग्लव्ज़ के साथ मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश करना होगा. स्टेशन के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों से स्टेशन कंट्रोलर पूरी व्यवस्था की निगरानी बनाए रखेगा. इसके साथ ही निगरानी के लिए DMRC के वॉलिंटियर्स भी स्टेशनों पर अलर्ट रहेंगे.