COVID 19: देश में अब तक 4281 मामलों की पुष्टि, 111 मरीजों की हुई मौत, 318 ठीक हुए

देश-दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. शाम के सात बजे के करीब स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 4,281 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है और इनमें से 111 लोगों की मौत हुई है. 318 लोग ठीक हुए हैं और इस समय 3851 मरीजों का इलाज देश भर के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

दुनिया के देशों की बात करें तो अब तक 1,285,261 केस सामने आ चुके हैं और 70,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है. कोविड-19 से सबसे ज्यादा 15,877 मौत इटली में हुई हैं.

राज्यवार देखें-
आंध्र प्रदेश में 226, अंडमान निकोबार में 10, अरुणाचल प्रदेश में एक, असम में 26, बिहार में 32, चंडीगढ़ में 18, छत्तीसगढ़ में 10, दिल्ली में 523, गोवा में सात, गुजरात में 144, हरियाणा में 84, हिमाचल प्रदेश में 13, जम्मू-कश्मीर में 109, झारखंड में चार, कर्नाटक में 151, केरल में 314, लद्दाख में 14, मध्य प्रदेश में 165, महाराष्ट्र में 784, मणिपुर में दो, मिजोरम में एक, ओडिशा में 21, पुडुचेरी में पांच, पंजाब में 76, राजस्थान में 274, तमिलनाडु में 571, तेलंगाना में 321, उत्तराखंड में 26, उत्तर प्रदेश में 305 और पश्चमि बंगाल में 80 मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं.

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि COVID 19 से संक्रमित होने वालों में 76 प्रतिशत पुरुष और 24 प्रतिशत महिलायें हैं, जबकि मृतकों में 73 प्रतिशत पुरुष और 27 प्रतिशत महिलायें हैं.

उन्होंने कोरोना वायरस की चपेट में आये मरीजों के आयु आधारित विश्लेषण के बारे में बताया कि अब तक जिन मरीजों में इसके संक्रमण की पुष्टि हुयी है उनमें 40 साल से कम उम्र के 47 प्रतिशत लोग हैं, जबकि 40 से 60 साल तक की उम्र वाले 34 प्रतिशत मरीज पाये गये हैं और 60 साल से अधिक उम्र वाले 19 प्रतिशत मरीज हैं.

अग्रवाल ने कहा कि मृतकों में 60 साल से अधिक उम्र वाले 63 प्रतिशत लोग हैं. वहीं, 40 से 60 साल की उम्र वाले मृतकों में 30 प्रतिशत और 40 साल से कम उम्र वाले सात प्रतिशत लोग शामिल है. साथ ही मृतकों में 86 प्रतिशत लोग ऐसे पाये गये जो पहले से ही मधुमेह (डायबिटीज) या हृदय रोग सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित थे.

अग्रवाल ने इस विश्लेषण के आधार पर कहा कि सर्वाधिक संक्रमण 40 साल तक के लोगों में हुआ है, वहीं संक्रमण के कारण जान गंवाने वालों में बुजुर्गों एवं पहले से बीमार लोगों की संख्या सर्वाधिक है. उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि किसी भी आयु वर्ग के लोग कोरोना के खतरे से अछूते नहीं हैं.