ड्रैगन की हर चाल पर है भारत के डिटेक्टिव की नजर, आसमान से हो रही है निगरानी

चीनी सेना के पीछे हटने के बाद भारत और चीन के बीच वार्ता का दौर जारी है. लद्दाख में LAC पर करीब डेढ़ महीने बाद तनाव कुछ कम होता नजर आ रहा है, लेकिन भारत और चीन दोनों ही जंगी बेड़े सीमा पर तैनात किए हुए हैं. इस बीच, सीमा पर चीनी सेना की गतिविधियों पर आसमान से भारत नजर रख रहा है.

भारत की आसमानी जासूस एमी सैट( EMISAT ) उपग्रह चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बारे में काफी सूचनाएं भेज रहा है. एमीसैट को इसरो के पीएसएलवी सी45 रॉकेट के श्रीहरिकोटा से 1 अप्रैल 2019 को प्रक्षेपित किया था. इस मिशन में कुल 29 उपग्रहों को भेजा गया था. जिसमें भारत का EMISAT के अलावा यूएस, लिथुआनिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड के उपग्रहों को उनकी कक्षा ने स्थापित किया था. यह पहली बार था जब भारत ने तीन अलग-अलग कक्षों में इन उपग्रहों को स्थापित किया था. EMISAT भारत का रडार डिटेक्टिव उपग्रह है, जिसमें डीआरडीओ के संचालित कौटिल्य नाम का पेलोड है.

EMISAT DRDO के प्रोजेक्ट कौटिल्य के तहत तैयार किया गया एक भारतीय टोही उपग्रह है, जो कि अंतरिक्ष-आधारित इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी (ELINT) प्रदान करता है. ELNIT यानी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस. भारत का यह उपग्रह सशस्त्र बलों के लिए बहुत ही मददगार साबित हो रहा है. क्योंकि यह दुश्मन के रडार लोकेशन की जानकारी मुहैया कराता है. इस मिशन का ELINT पेलोड डीआरडीओ के डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स रिसर्च लेबोरेटरी ने, जबकि संवर्धित भारतीय मिनी सैटेलाइट-2 (IMS-2) प्लेटफॉर्म ISRO ने बनाया है.

ELINT के जरिए इंटरसेप्टेड सिग्नलों की रिकॉर्डिंग और विश्लेषण किया जा सकता है. साथ ही रडार का आरएफ सिग्नेचर बनाने में मदद करता है. जो बाद में रडार को पहचान कर उसकी लोकेशन का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

इसका मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम को मापने के अलावा ग्राउंड और नेवल दोनों रडार के लोकेशन को पता लगाने का है. EMISAT को पृथ्वी की सतह से 753 किलोमीटर ऊपर कक्षा में स्थापित किया था. ऐसे में बॉर्डर पर चल रहे तनाव के बीच, दुनियाभर में दादागीरी दिखाने वाला चीन भारत के ‘कौटिल्य’ यानी EMISAT उपग्रह से भारत को मिल रही जानकारी से घबराया हुआ है. इमिसैट चीन के कब्जे वाले तिब्बत के ऊपर से गुजरा है.

इस सिस्टम की खूबी यह है कि वह हजारों किमी दूर अंतरिक्ष से जमीन पर एक मीटर तक के दायरे में हो रही गतिविधियों की भी साफ तस्वीरें खींच सकता है. भारत में ही DRDO और इसरो का तैयार हुआ यह उपग्रह इंटेलिजेंस इनपुट जुटा कर मिलिट्री इंटेलिजेंस को भेज रहा है. इस उपग्रह का ELINT यानी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सिस्टम दुश्मन के क्षेत्र में ट्रांसमिशन के लिए इस्तेमाल होने वाली हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाएं हुए हैं.