पारिवारिक झगड़ों की होगी फास्ट ट्रैक सुनवाई, प्रशासन ने जम्मू और श्रीनगर में दो कोर्ट किए मंजूर

जम्मू-कश्मीर में पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए राज्यपाल प्रशासन ने अहम फैसला लिया है। जम्मू और श्रीनगर में इसके लिए दो फैमिली कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। यहां इस तरह के मामलों की फास्ट ट्रैक सुनवाई होगी। बुधवार को राज्य प्रशासनिक परिषद की बैठक में इन दोनों कोर्ट की मंजूरी दी गई है।

पहले चरण में यह दो कोर्ट बनेंगे। इसके लिए विभिन्न श्रेणी के लिए 29 पदों को मंजूरी भी दी गई है। भविष्य में इस तरह के कई और कोर्ट भी बनाए जाएंगे। इन कोर्ट के स्थापित होने से शादीशुदा लोगों और अन्य पारिवारिक मामलों में जल्द समझौता होगा। इस तरह के मामलों को सुलझाने में तेजी मिलेगी। राज्य हाईकोर्ट ने एक प्रस्ताव बनाया था। इसमें जम्मू और श्रीनगर प्रत्येक में तीन कोर्ट और बाकी हर एक जिले में प्रत्येक में एक एक कोर्ट बनाने की सिफारिश सरकार से की थी।

रियासत की विभिन्न अदालतों में 12 हजार से अधिक पारिवारिक मामलों के केस लंबित पड़े हुए हैं। इनमें से 3768 केस जम्मू और 1431 केस श्रीनगर में पड़े हैं। नए स्थापित होने वाले कोर्ट इन मामलों को जल्द निपटाएंगे।

इन कोर्ट में मंजूर किए गए पदों में जिला जज, प्रिंसिपल काउंसलर, सेक्शन आफिसर, डाटा एंट्री आपरेटर, सुप्रीटेंडटेंट विटनेस असिस्टेंस, सुप्रिंटेंडेंट विटनेस मेडिटेशन, सुप्रिंटेंडेंट फार लीगल एड, नाजिर, रीडर, कापिस्ट, ड्राइवर, जमादार, स्वीपर, चौकीदार, सीनिया स्केल स्टेनोग्राफ, अहलीमाद, आर्डलरी शामिल हैं।