पीएम मोदी ने दी लद्दाख में सेंट्रल यूनिवर्सिटी को मंजूरी, 10 हजार छात्रों को अब नहीं छोड़ना होगा घर

5 अगस्त को लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के एक साल पूरे हो जाएंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख के लोगों को एक बड़ा तोहफा दिया है। पीएम मोदी ने लद्दाख में पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय की योजना को हरी झंडी दिखा दी है। इस यूनिवर्सिटी में बौद्ध अध्ययन से जुड़ा केंद्र भी होगा। प्रस्तावित सेंट्रल यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग और मेडिकल एजुकेशन छोड़कर सभी कोर्स जैसे लिबरल आर्ट्स और बेसिक साइंस में डिग्री दी जाएगी।

पांच अगस्‍त को लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के एक साल पूरे हो जाएंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से राज्‍य को एक बड़ा तोहफा दिया गया है। लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में पिछले एक साल में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की 20 जुलाई को हुई समीक्षा बैठक में पीएम मोदी ने इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, एनएसए अजीत डोवाल और सभी उच्च अधिकारी मीटिंग में शामिल थे।

10 हजार छात्रों को घर छोड़ना पड़ता था
लद्दाख के 10 हजार छात्रों को अपना घर छोड़कर हर साल पढ़ाई के लिए कई किमी दूर जाना पड़ता है। सूत्रों के अनुसार, इसी बात को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी की तरफ से प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मानव संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, लद्दाख की सेंट्रल यूनिवर्सिटी का मकसद हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति के छात्रों को भी बेहतर शिक्षा मुहैया कराना है। रोहतांग पास पर बनी सुरंग का उद्घाटन होने के बाद हिमाचल के छात्र भी यहां आ सकेंगे।

विकास पर ध्यान देने का किया था वादा
पिछले साल 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने विशेष राज्य का दर्जा हटाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेशों का गठन किया था। केंद्र ने वादा किया था कि केंद्र शासित प्रदेश बनने से यहां पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा, साथ ही विकास पर भी फोकस किया जाएगा।

दलाई लामा से है खास कनेक्शन
यूनिवर्सिटी में बौद्ध अध्ययन केंद्र भी होगा। यह केंद्र खासतौर पर लद्दाख के गेलुग और काग्‍यू वर्ग के लोगों को ध्‍यान में रखते हुए खोला जाएगा। यह समुदाय लद्दाख की वह आबादी है जिसके लोग तिब्‍बती बौद्ध हैं। 14वें दलाई लामा गेलुग समुदाय से ही आते हैं।