अमेरिका: राष्ट्रपति ट्रंप टालने जा रहे जी-7 सम्मेलन, कहा- पहले भारत को आमंत्रित करूंगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जी-7 सम्मेलन को फिलहाल सितंबर तक टालने जा रहे हैं। इससे पहले वह भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण कोरिया को बैठक के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। बता दें कि 46वां जी-7 शिखर सम्मेलन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 जून से 12 जून तक आयोजन प्रस्तावित था।

राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह जी-7 सम्मेलन को टाल रहे हैं और इससे इतर अन्य देशों आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि जी-7 सम्मेलन को आगामी सितंबर माह तक टालने जा रहा हूं। इसकी जगह मैं भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण कोरिया को बैठक के लिए आमंत्रित करना चाहता हूं। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि जी-7 ठीक से यह दर्शाता है कि दुनिया में क्या चल रहा है। यह देशों का एक बहुत पुराना समूह है।’
व्हाइट हाउस की सामरिक संचार निदेशक एलिसा एलेक्जेंड्रा फराह ने कहा कि यह हमारे पारंपरिक सहयोगियों को एक साथ ला रहा है ताकि चीन के भविष्य को लेकर बात की जा सके। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के कार्यालय ने शनिवार को कहा कि वे शिखर सम्मेलन में तब तक शामिल नहीं होंगी जब तक कि कोरोना वायरस का प्रसार खत्म नहीं हो जाता।

जी-7 दुनिया के सबसे बड़े और सबसे उन्नत अर्थव्यवस्थाओं फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा के साथ सात देशों का एक मंच है। इन देशों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और मौद्रिक मुद्दों को लेकर सालाना बैठक करते हैं। इस साल जी 7 की अध्यक्षता अमेरिका के पास है।

शिखर सम्मेलन के दौरान जी-7 अध्यक्ष आमतौर पर एक या दो देशों के प्रमुखों को ‘विशेष आमंत्रित’ के तौर पर बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं। पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया था। ट्रंप ने भारत को अगले जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने की बात करते हुए देश के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कद को दर्शाया है