जम्मू-कश्मीरः वायुसेना के 2 एयरबेस को निशाना बना सकते हैं आतंकी, बढ़ाई गई सुरक्षा

जम्मू कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा आंतिकयों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान से बौखलाए आतंकी अब वायुसेना एयरबेस को निशाना बना सकते हैं. समाचार एजेंसी के अनुसार, सरकार के सूत्रों इंटेलिजेंस इनपुट मिला है कि जम्मू कश्मीर में आतंकी बड़े हमले की तैयारी में हैं. ऐसी जानकारी मिली है कि आतंकी इस बार भारतीय वायुसेना का श्रीनगर और अवंतिपोरा एयरबेस को निशाना बना सकते हैं. इस जानकारी के मिलते ही सुरक्षाबलों ने हाई अलर्ट जारी कर दोनों ही एयरबेस के आस पास सुरक्षा कड़ी कर दी है.

बता दें कि आतंकियों ने पंजाब के पठानकोट में भी भारतीय वायुसेना के एयरबेस को निशाना बनाया था. 2 जनवरी 2016 को पाकिस्तानी आतंकी पठानकोट एयरबेस में घुस गए थे. कई घंटों तक चले इस ऑपरेशन में भारतीय सुरक्षाबलों ने 4-5 आतंकियों को मार गिराया था. इस हमले में एक नागरिक मौत हुई थी वहीं 7 जवान शहीद हुए थे. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली थी.

जम्मू कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा आंतिकयों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान से बौखलाए आतंकी अब वायुसेना एयरबेस को निशाना बना सकते हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सरकार के सूत्रों इंटेलिजेंस इनपुट मिला है कि जम्मू कश्मीर में आतंकी बड़े हमले की तैयारी में हैं. ऐसी जानकारी मिली है कि आतंकी इस बार भारतीय वायुसेना का श्रीनगर और अवंतिपोरा एयरबेस को निशाना बना सकते हैं. इस जानकारी के मिलते ही सुरक्षाबलों ने हाई अलर्ट जारी कर दोनों ही एयरबेस के आस पास सुरक्षा कड़ी कर दी है.

प्रवक्ता ने बताया कि जब सुरक्षा बल एक मकान और उसके आसपास से आम नागरिकों को बाहर निकाल रहे थे तभी वहां छिपे आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी आरंभ कर दी. उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान सेना के एक जवान संदीप शहीद हो गए और एक आम नागरिक रईस डार की भी मौत हो गई.’’

उन्होंने बताया कि इसके बाद सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई. मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए. मारे गए आतंकवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवादियों की पहचान करीमाबाद, पुलवामा निवासी नसीर पंडित, शोपियां निवासी उमर मीर और पाकिस्तान के खालिद के रूप में की गई है.’’

प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मारे गए आतंकवादी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित थे. वे सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमला एवं आम नागरिकों पर ज्यादतियां करने समेत कई आतंकवादी अपराधों में संलिप्तता को लेकर वांछित थे.

उन्होंने कहा, ‘‘नसीर पंडित का आतंकवादी संगठन में शामिल होने से पहले आतंकवादी गतिविधियों का पुराना रिकॉर्ड था और जैश में शामिल होने के बाद इलाके में आतंकवादी हमले करने और उनका षड्यंत्र रचने के संबंध में उसके खिलाफ कई आतंकवादी आपराधिक मामले दर्ज हैं.’’