जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कहा, रेशम, ऊनी उत्पादों के बाजार के लिए नवोन्मेषी रणनीति बनाई जाए

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल जी. सी. मुर्मू ने रेशम और ऊनी उत्पादों का बाजार तैयार करने के लिए नवोन्मेषी रणनीति बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में बने ऐसे उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए कहा है। एक सरकारी प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि मुर्मू ने यहां सोलिना में बृहस्पतिवार को आधुनिक सरकारी ऊन धुनाई संयंत्र और रेशम का धागा तैयार करने के संयंत्र का उद्घाटन किया। मूर्मू ने आधुनिक सरकारी कताई मिल का भी ई-उद्घाटन किया। अधिकारी ने कहा कि इन सभी संयंत्रों का उन्नयन और आधुनिकीकरण किया गया है। इस पर कुल 16.22 करोड़ रुपये की लागत आयी है। उपराज्यपाल ने केंद्र शासित प्रदेश के उद्योग और वाणिज्य विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये संयंत्र दशकों से बंद थे। अब इनका पुनरोद्धार करके इन्हें फिर से शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इन संयंत्रों को फिर से चालू होने से समाज के एक बड़े वर्ग तक इनका आर्थिक लाभ पहुंचेगा। विशेषकर उन लोगों तक जो रेशम कीट पालन और ऊन उत्पादन के काम में लगे हैं। मूर्मू ने कहा कि हमें इन इकाइयों में बनने वाले उत्पादों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार बनाने के लिए नवोन्मेषी रणनीति तैयार करनी होगी। मूर्मू ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को सोलिना परिसर के ऐतिहासिक ढांचों को छेड़े बिना इमारतों और आसपास के इलाकों की मरम्मत करने के निर्देश भी दिए।