लॉकडाउन से प्रभावित कश्मीरी उत्पादकों को रमजान के दौरान सेब की खपत बढ़ने की उम्मीद

 लॉकडाउन से प्रभावित कश्मीर के सेब उत्पादकों को रमजान के दौरान सेब की खपत बढ़ने की उम्मीद है। सेब उत्पादकों को उम्मीद है कि अधिकारी इस फल की बाधा रहित बिक्री की अनुमति देंगे। घाटी के किसानों ने गत अक्टूबर से घाटी के 22 भंडार गृहों में लगभग 350 करोड़ रुपये मूल्य के लगभग एक लाख टन सेब को रखा हुआ है। सेब उत्पादकों को उम्मीद थी कि इस वर्ष मार्च-अप्रैल के आसपास देश के बाजारों में इन सेबों को भेजा जायेगा। हालांकि कोरोना वायरस महामारी के कारण देशभर में लगाये गये लॉकडाउन के कारण सेबों को बाजारों में नहीं भेजा जा सका। एक फल उत्पादक मोहम्मद सलीम वानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद कम है और सेब का यह भंडार अब हमारे लिए आफत बन गया है। हम भंडार गृह शुल्क के रूप में हर महीने 30 से 35 रुपये प्रति पेटी खर्च कर रहे हैं।’’ वानी ने कहा कि अब एक ही उम्मीद है कि स्थानीय बाजारों में इन सेबों की बिक्री की जाये लेकिन अभी अधिकारियों द्वारा इसकी अनुमति दी जानी है। ‘कोल्ड एटमॉस्फियर स्टोरेज ओनर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष माजिद वफाई ने कहा कि घाटी के विभिन्न भंडार गृहों में सेब की 30 लाख से अधिक पेटियां रखी है। उन्होंने कहा कि सरकार को कश्मीर के बाहर सेब के ट्रकों को जाने की अनुमति देनी चाहिए। इस बीच कश्मीर के मंडलीय आयुक्त पांडुरंग कुंदबाराव पोल ने कहा कि प्रतिदिन सेबों से लदे 30 से अधिक ट्रक कश्मीर के बाहर के बाजारों के लिए रवाना हो रहे है।