राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, असम, मेघालय में भी एक्टिव रहेगा मानसून

मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में आज भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, में भारी बारिश हो सकती है.

बीते महीने जुलाई के दौरान औसत से करीब 10 फीसदी कम बारिश हुई, जबकि अगस्त में 44 साल का रिकॉर्ड टूट गया है. अगस्त में अब तक औसत से 25 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है, जोकि महीने के दौरान 1976 के बाद सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड है. हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले महीने सितंबर में मानसून की रफ्तार मंद पड़ सकती है.

अगस्त महीने में हुई जोरदार बारिश
आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा, “मानसून के संबंध में अब तक का पूर्वानुमान सही साबित हुआ है और देशभर में मानसून का वितरण बेहतर व समरूप रहा है. अगस्त महीने में जोरदार बारिश हुई, मगर अगले महीने सितंबर में मानसून की रफ्तार धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती है, लेकिन जिन इलाकों में अब तक कम बारिश हुई, वहां बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है.”

एक अगस्त से 28 अगस्त तक देशभर में 296.2 मिलीमीटर बारिश हुई
आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, “एक अगस्त से 28 अगस्त तक देशभर में 296.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि महीने के दौरान औसत बारिश 237.2 मिलीमीटर होती है. इस प्रकार, देशभर में अगस्त में औसत से 25 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है. इससे पहले 1976 में अगस्त महीने के दौरान औसत से 28.4 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि 1901 से लेकर 2020 के दौरान अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश 1926 में हुई थी, जब औसत से 33 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड किया गया था.”

अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश मध्य भारत में हुई
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, “अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश मध्य भारत में हुई है, जोकि औसत से 57 फीसदी अधिक है, जबकि पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में औसत से 18 फीसदी कम बारिश हुई है. अगस्त में उत्तर-पश्चिम भारत में औसत से एक फीसदी अधिक जबकि दक्षिणी प्रायद्वीय भारत में औसत से 42 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है.”

डॉ. महापात्र ने बताया कि अब मानसून का रुख उत्तर-पश्चिम भारत की तरफ है जबकि दक्षिण भारत में अगामी सप्ताहों के दौरान भारी बारिश से राहत मिल सकती है. उन्होंने कहा कि आईएमडी ने दिल्ली में 25अगस्त के बाद बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया था, जो सही साबित हुआ.

डॉ. महामात्र ने कहा, “सितंबर महीने में अपेक्षाकृत कम बारिश होगी, लेकिन देशभर में बारिश का वितरण समान रहने से खरीफ सीजन की फसलों की पैदावार बढ़ेगी. अक्टूबर के संबंध में अभी पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है.”

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, “चालू मानसून सीजन में एक जून से लेकर 28 अगस्त तक देशभर में 749.6 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस दौरान औसत बारिश 689.4 मिलीमीटर होती है. औसत से 20 फीसदी से ज्यादा कम बारिश वाले इलाकों में नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा के अलावा जम्मू-कश्मीर और लदाख शामिल हैं.”